
CG News: छत्तीसगढ़ समेत समूचा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मना रहा था। इस बीच बीजापुर जिले में नक्सल मोर्चे पर एक बड़ा रेकॉर्ड ब्रेक हो गया। नक्सल इतिहास में पहली बार 103 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ी। बापू की जयंती पर बीजापुर जिले में सक्रिय रहे नक्सली शांति की राह पर लौट आए। अमित शाह 4 अक्टूबर को बस्तर आ रहे हैं।
उससे पहले इस सरेंडर को बड़ा डेवलपमेंट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि फोर्स पिछले एक महीने से इस सरेंडर पर काम कर रही थी। इन नक्सलियों में 49 नक्सली इनामी थे। सरेंडर नक्सलियों में एक डीवीसीएम,4 पीपीसीएम, 4 एसीएम, एक प्लाटून पार्टी सदस्य, 5 एरिया कमेटी सदस्य, 5 मिलिशिया कमांडर, 4 जनताना सरकार अध्यक्ष, 3 डीएकेएमएस अध्यक्ष, 4 सीएनएम अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हैं।
इनके साथ ही 22 जनताना सरकार सदस्य, 23 मिलिशिया प्लाटून सदस्य और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारी भी मुख्यधारा में लौटे हैं। समर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे और पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कार्रवाई की वजह से लगातार दबाव में थे। आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को शासन की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप पचास हजार का चेक प्रदान किया गया।