जगदलपुर

Bastar Lawyers Protest: जगदलपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग तेज, जनआंदोलन की तैयारी शुरू

Bastar Lawyers Protest: जगदलपुर में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ ने जनआंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। अप्रैल में सर्वदलीय बैठक बुलाने की योजना है।

2 min read
हाइकोर्ट की खंडपीठ के लिए जनआंदोलन की तैयारी (photo source- Patrika)

Bastar Lawyers Protest: जगदलपुर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। जिला अधिवक्ता संघ ने इस मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है और इसे जनआंदोलन का रूप देने की रणनीति बनाई जा रही है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य झा ने बुधवार को न्यायालय परिसर के ग्रंथालय में पत्रवार्ता करते हुए कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में न्याय तक पहुंच आज भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित होना समय की मांग है।

ये भी पढ़ें

CAF Jawan Transfer Stopped: नक्सली हमले में जख्मी जवान को राहत, हाईकोर्ट ने ट्रांसफर पर लगाई रोक

Bastar Lawyers Protest: न्याय की पहुंच से जुड़ा मुद्दा

बस्तर से लोगों को न्याय पाने के लिए 600 किमी तक का सफर करना पड़ता है। अप्रैल में होगी बैठक, जिलाध्यक्ष विक्रमादित्य झा ने बताया कि अप्रैल महीने में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न समाजों, संगठनों और जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की योजना है। इतना ही इसके अलावा संभाग के सभी छह जिलों के जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। ताकि बेहतर रूपरेखा तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखा जाएगा, ताकि यह केवल जनहित और न्याय की पहुंच से जुड़ा मुद्दा बना रहे।

1945 में रियासतों के लिए जगदलपुर में थी हाइकोर्ट की खंडपीठ

विक्रमादित्य झा ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1945 में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की 39 रियासतों के लिए ‘हाईकोर्ट फॉर ईस्टर्न प्रिंसली स्टेटस’ की मुख्य खंडपीठ जगदलपुर में संचालित होती थी। ऐसे में आज बस्तर में फिर से खंडपीठ की स्थापना संभव और उचित है। उन्होंने कहा कि यदि जगदलपुर में खंडपीठ स्थापित होती है तो इससे बस्तर के दूरस्थ गांवों तक न्याय सुलभ हो सकेगा और आम नागरिकों को रायपुर या अन्य स्थानों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Bastar Lawyers Protest: यह रहे मौजूद

संरक्षक घनश्याम साहू, सचिव संतोष चौधरी, उपाध्यक्ष अवधेश कुमार झा, प्रीति वानखेड़े, सह सचिव भरत ङ्क्षसह सेठिया, कोषाध्यक्ष दीनबंधु रथ, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव हेलिना मोजेस गिरिधरन, गं्रथपाल ओम प्रकाश यादव, कार्यकारिणी सदस्य संतोष जैन, परमजीत मोहना, गणेश कुमार दहिया, विपिन मालवीय, रामूराम मौर्य और संगीता श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनिवास रथ और नरेश मिश्र मौजूद थे।

बता दें कि बस्तर संभाग लंबे समय से न्यायिक सुविधाओं की कमी से जूझता रहा है। यहां के लोगों को उच्च न्यायालय से जुड़े मामलों के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर बिलासपुर स्थित हाईकोर्ट का रुख करना पड़ता है। भौगोलिक दूरी, आर्थिक सीमाएं और परिवहन की कठिनाइयों के कारण आम नागरिकों, विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान नहीं हो पाती।

Published on:
26 Mar 2026 02:40 pm
Also Read
View All

अगली खबर