25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Judge Promotion: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 5 स्थायी जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी

Judge Promotion: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कार्यरत 5 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी जज बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 24 मार्च की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

2 min read
Google source verification
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 5 एडिशनल जज (photo source- Patrika)

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 5 एडिशनल जज (photo source- Patrika)

Judge Promotion: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कार्यरत पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों को अब स्थायी जज के रूप में नियुक्त कर दिया गया है। Supreme Court Collegium की 24 मार्च को हुई बैठक में इन नामों पर सहमति बनी, जिसके बाद इनकी नियुक्ति को हरी झंडी मिल गई।

जिन न्यायाधीशों को स्थायी किया गया है, उनमें Justice Sachin Singh Rajput, Justice Radhakishan Agrawal, Justice Sanjay Kumar Jaiswal, Justice Bibhu Dutta Guru और Justice Amitendra Kishore Prasad शामिल हैं। ये सभी अब तक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे रहे थे, जिन्हें अब स्थायी दर्जा मिल गया है।

Judge Promotion: बार और बेंच कोटे का संतुलन

इन पांचों में से दो न्यायाधीश—जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल—निचली अदालत (बेंच कोटे) से पदोन्नत होकर हाईकोर्ट पहुंचे थे। वहीं, जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस बिभु दत्त गुरु और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद बार कोटे से सीधे अधिवक्ता के रूप में नियुक्त होकर हाईकोर्ट जज बने थे।

कैसे होती है जजों की नियुक्ति?

भारत में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के तहत होती है। इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों का समूह—जिसे Supreme Court Collegium कहा जाता है—जजों की नियुक्ति, ट्रांसफर और स्थायीकरण पर फैसला करता है।

एडिशनल जज: इन्हें अस्थायी तौर पर नियुक्त किया जाता है, आमतौर पर 2 साल के लिए
परमानेंट जज: प्रदर्शन और आवश्यकता के आधार पर इन्हें स्थायी किया जाता है
बार कोटा: अनुभवी वकीलों को सीधे जज बनाया जाता है
बेंच कोटा: जिला न्यायालयों के जजों को प्रमोशन देकर हाईकोर्ट में लाया जाता है

Judge Promotion: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इन नियुक्तियों को न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

जजों का व्यापक ट्रांसफर

बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अनुशंसा के बाद राज्य में न्यायिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। जारी सूची के अनुसार, जांजगीर-चांपा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत को अंबिकापुर (सरगुजा) स्थानांतरित किया गया है।

इन्हें दी गई नई जिम्मेदारी

वहीं हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (न्यायिक) के पद पर कार्यरत खिलावन राम रिगरी को कोंडागांव का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। जांजगीर के परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश संघरत्ना भटपहरी को कबीरधाम (कवर्धा) भेजा गया है। इसके अलावा जयदीप गर्ग, जो कोरबा में एससी-एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश थे, उन्हें जांजगीर-चांपा का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुमित कपूर को एडिशनल रजिस्ट्रार (न्यायिक) से रजिस्ट्रार (न्यायिक स्थापना) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।