
जगदलपुर . नगर निगम में मंगलवार शाम पांच बजे महापौर जतीन जायसवाल ने 2018-19 के लिए दो अरब 75 करोड़ दस लाख के अनुमानित बजट का खाखा खींचा। डेढ़ घंटे के अभिभाषण में उन्हांेने नगर विकास के दो दर्जन से अधिक योजनाओं की रूपरेखा सदन को समझाई तो जरुर पर इनमें से अधिकांश योजनाएं उनके बीते कार्यकाल के शुरुआती दौर से ही जारी हैं।
विपक्ष भी सामान्य से सवालों में उलझकर कर रह गया
नए व पुराने सौगातों का पिटारा खोलने के पहले विपक्ष के हंगामे की जो बातें निकलकर सामने आ रही थीं वह विपक्ष के अंदरुनी कलह की भंट चढ़ गई। सुबह से जारी सामान्य सभा के प्रथम सत्र के बाद ही बजट पेश किए जाने की सुगबुगाहट होने लगी थी। विपक्ष भी सामान्य से सवालों में उलझकर कर रह गया था। बिना किसी लाग लपेट के अभिभाषण शुरू हो गया। सदन में बजट की प्रतियां बांटी गई व प्रमुख मुद्दों से अवगत कराया। हल्के- फुल्के अंदाज में विपक्षी पार्षद सवाल उठाते रहे इसके बाद ध्वनिमत से बजट को सदन पर रखने जतीन सफल रहे।
नए प्रस्ताव : मल्टी लेवल पार्र्किंग, माड्यूलर प्रतीक्षालय, ई लाइब्रेरी, बैडमिंटन कोर्ट, वर्र्किंग वीमेन हास्टल
बासी कढ़ी : ट्रांसपोर्ट नगर, मुक्तिधाम उन्नयन, ड्रेनेज सुधार, डामरीकरण, सौंदर्यीकरण, अमृत योजना
चढ़ाया जा रहे मुलम्मा
पंडरीपानी में ट्रांसपोर्ट नगर, मुक्तिधाम का विकास, ड्रेनेज सिस्टम सुधारने नालों का निर्माण, सामुदायिक व मंगल भवन का सौंदर्यीकरण, तीस किमी सड़क का डामरीकरण, अमृत योजना, पार्क निर्माण, खेल मैदानों का उन्नयनीकरण जैसी पुरानी योजनाओं को लगभग तीसरी बार शामिल किया गया है।
यह नया देने किया प्रावधान
*नए बस स्टैंड में 4 करोड़ की लागत से माड्यूलर प्रतीक्षालय।
*सुविधायुक्त बैडमिंटन कोर्ट के लिए एक करोड़।
*इलेक्ट्रानिक लाइब्रेरी के लिए दो करोड़।
*कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किग वीमेन हास्टल 40 लाख।
*मल्टी लेवल पार्र्किंग का प्रस्ताव।
*आवारा कुत्तों- सूकर के लिए शेल्टर निर्माण 30 लाख।
*शहर के सभी वार्ड में व्यायाम शाला का प्रस्ताव।
सफल क्रियान्वयन हो एेसा प्रयास
महापौर जतीन जायसवाल ने बताया कि, किसी भी स्थानीय निकाय की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना किसी निकाय का मूल कर्तव्य व दायित्व है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता की श्रेणी में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। इसका सफल क्रियान्वयन हो एेसा प्रयास किया जा राह है।
पिछले बजट के काम अभी भी बाकी
नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने बताया, बजट पूरी तरह से काल्पनिक घोषणाओं पर आधारित है। जो काम पहले बजट में प्रस्तावित थे वे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। जिन चुनावी वायदों पर सवार होकर महापौर बने हैं उसी पर अमल नहीं हुआ है।