जगदलपुर

बड़े पर्दे से मोबाइल तक… बदल गया फिल्म देखने का ट्रेंड, OTT के दौर में फीका पड़ा सिनेमाघरों का जादू

Movie Tickets Expensive: कोविड के बाद फिल्म देखने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। महंगे टिकट, स्मार्ट टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता के चलते सिनेमाघरों का आकर्षण कम हुआ है।
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फिल्म देखने का ट्रेंड (photo source- Patrika)
फिल्म देखने का ट्रेंड (photo source- Patrika)

Movie Tickets Expensive: एक दौर था जब नई फिल्म रिलीज होते ही सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लग जाती थीं। टिकट खिड़कियों पर भीड़ उमड़ती थी और बड़े पर्दे पर फिल्म देखना लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता था। लेकिन कोविड के बाद फिल्म देखने की आदतों और पसंद में बड़ा बदलाव आया है। अब महंगे टिकट, खाने-पीने पर बढ़ता खर्च, घरों में बड़ी स्क्रीन वाले स्मार्ट टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म की आसान उपलब्धता ने सिनेमाघरों का आकर्षण काफी हद तक कम कर दिया है।

Movie Tickets Expensive: मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना पड़ रहा महंगा

आज बड़ी संख्या में दर्शक नई फिल्म के कुछ सप्ताह इंतजार कर उसे घर बैठे ही देखना ज्यादा सुविधाजनक और किफायती मानते हैं। यही वजह है कि एक समय दर्शकों से खचाखच भरे रहने वाले सिनेमाघरों में अब सीटें खाली नजर आने लगी हैं। ओटीटी के विकल्पों ने बदली पसंद कोविड के बाद फिल्मों को देखने की पसंद और प्लेटफॉर्म दोनों बदल गए हैं। अब मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना कई लोगों को महंगा सौदा लगता है।

वहीं, हिन्दी फिल्मों में बार-बार एक जैसी कहानियां, समान विषय और दोहराव भी दर्शकों को सिनेमाघरों से दूर कर रहा है। दर्शकों के अनुसार, उन्हें अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा विविधता और नया कंटेंट मिल रहा है। ओटीटी पर वेब सीरीज, क्षेत्रीय सिनेमा, अंतरराष्ट्रीय फिल्में और हॉलीवुड कंटेंट आसानी से उपलब्ध है। यही कारण है कि अब लोग सिर्फ हिन्दी फिल्मों पर निर्भर नहीं रह गए हैं।

घर में ही मिल रहा ‘प्रीमियम व्यूइंग एक्सपीरियंस’

शंकर श्रीवास का कहना है बड़ी स्क्रीन वाले स्मार्ट टीवी, साउंडबार, हाई-स्पीड इंटरनेट और 4के क्वालिटी ने घरों में ही फिल्म देखने का अनुभव पहले से कहीं बेहतर बना दिया है। अब लोगों को वही मनोरंजन, आराम और सुविधा घर पर ही मिल रही है, जिसके लिए कभी वे सिनेमाघरों का रुख करते थे। अच्छी कहानी, विविधता और सुविधा के कारण ओटीटी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

Movie Tickets Expensive: युवा पीढ़ी चाहती है ‘ऑन डिमांड’ मनोरंजन

संजय का कहना है कि वे अपने समय के हिसाब से फिल्में देखना पसंद करते हैं। सिनेमाघरों में शो टाइम तय होता है, जबकि मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर वे अपनी सुविधा के अनुसार कंटेंट देख सकते हैं। सफर के दौरान, खाली समय में या हिस्सों में फिल्म देखने की यह आदत नई पीढ़ी को ओटीटी की ओर तेजी से खींच रही है।

एक टिकट के दाम में महीनेभर का मनोरंजन

विजय तिवारी का मानना है कि एक फिल्म का टिकट 150 से 250 रुपये तक पहुंच चुका है। ऐसे में उतने या थोड़े अधिक खर्च में किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का पूरे महीने का सब्सक्रिप्शन मिल जाता है, जिसमें दर्जनों फिल्में और सीरीज देखी जा सकती हैं। ऐसे में परिवार या युवाओं के लिए ओटीटी अधिक किफायती विकल्प बनकर सामने आया है।

Published on:
02 Apr 2026 10:45 am