
WhatsApp Fraud: शहर में इन दिनों साइबर ठगों ने व्हाटसएप पर एक्सीडेंट का फोटो भेज साइबर ठगी कर रहा है। ठग अब मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर सीधे पीडि़त के परिचितों को मैसेज भेज रहे हैं और इमरजेंसी का हवाला देकर 2 हजार से 5 हजार रुपये तक की मांग कर रहे हैं। इस तरह के मामलों में शहर के दर्जनों लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, ठग सबसे पहले किसी व्यक्ति का मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लेते हैं। इसके बाद वे व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए उसके परिचितों को मैसेज भेजते हैं। मैसेज में अक्सर लिखा होता है ‘‘मेरा फोनपे/गूगल पे काम नहीं कर रहा है, तुरंत पैसों की जरूरत है, इस नंबर या क्यूआर कोड पर भेज दें।’’ परिचित होने के कारण लोग बिना जांच-पड़ताल किए पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में ठगी का पता चलता है।
ठगों द्वारा पहले मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया जाता है। फोन के कॉन्टैक्ट लिस्ट से परिचित लोगों को टारगेट किया जाता है इसके बाद व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए इमरजेंसी का बहाना बनाया जाता है। मैसेज में 2 से 5 हजार रुपये जैसी छोटी रकम तुरंत भेजने का दबाव बनाया जाता है जिसके बाद क्यूआर कोड या दूसरे नंबर पर पैसे ट्रांसफर कराए जाते हैं।
किसी भी परिचित के मैसेज पर तुरंत पैसे न भेजें।
पहले कॉल या वीडियो कॉल कर पुष्टि जरूर करें।
अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।
मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।
साइबर सेल द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है, ताकि लोग सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल के झांसे में न आएं। थोड़ी सी सावधानी ही आपकी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकती है- गीतिका साहू, डीएसपी व साइबर प्रभारी
तुरंत बैंक और संबंधित पेमेंट ऐप को सूचित करें।
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
नजदीकी थाने या साइबर सेल में रिपोर्ट करें।
शहर से लगे मगडू कचोरा क्षेत्र में एक गृहणी का मोबाइल हैक कर ठगों ने उसके कई कॉन्टैक्ट्स को मैसेज भेजे। कई लोगों ने परिचित समझकर तुरंत पैसे भेज दिए। ठगों ने मैसेज के साथ एक्सीडेंट में घायल होने का फोटो भी भेजा, जिससे लोग भावनात्मक रूप से प्रभावित हो गए और बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में ठगी की जानकारी मिलने पर तत्काल मोबाइल नंबर को बंद कराया गया।