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Student Lightning Death: मौसम का कहर! आकाशीय बिजली गिरने से 11वीं के छात्र की मौत, पसरा मातम

Student Lightning Death: आकाशीय बिजली गिरने से 11वीं कक्षा के छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। वह मवेशी चराने गया था, तभी तेज बारिश और गरज-चमक के बीच यह हादसा हुआ।

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आकाशीय बिजली गिरने से छात्र की मौत (photo source- Patrika)

आकाशीय बिजली गिरने से छात्र की मौत (photo source- Patrika)

Student Lightning Death: बस्तर जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बीच शुक्रवार की शाम बस्तर थाना क्षेत्र के ग्राम झारतराई में आकाशीय बिजली गिरने से 11वीं कक्षा के छात्र सिद्धार्थ बघेल की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ अपने दोस्तों के साथ गांव में मवेशी चराने गया हुआ था। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई।

इसी बीच आकाशीय बिजली सीधे सिद्धार्थ पर गिर गई, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बिजली गिरने से उसके चेहरे और कंधे गंभीर रूप से झुलस गए थे। साथ गए दोस्तों ने घटना की जानकारी तत्काल परिजनों और पुलिस को दी।

Student Lightning Death: छात्र की मौत की यह घटना कोई पहली नहीं

सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलते ही बस्तर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बस्तर मॉर्चरी भिजवाया। मृतक सिद्धार्थ लामकेर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था।

बस्तर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से छात्र की मौत की यह घटना कोई पहली नहीं है। छत्तीसगढ़ सहित देश के कई हिस्सों में हर साल मानसून और प्री-मानसून सीजन के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है।

क्यों बढ़ती हैं बिजली गिरने की घटनाएं?

मौसम में अचानक बदलाव, बादलों में तेजी से बनने वाली ऊंची विद्युत धाराएं और नमी की अधिकता के कारण आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बढ़ जाती है। जब बादलों और जमीन के बीच विद्युत संतुलन बिगड़ता है, तो बिजली जमीन की ओर गिरती है, जो बेहद खतरनाक होती है।

Student Lightning Death: छत्तीसगढ़ में स्थिति

छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा और उत्तरी क्षेत्रों में हर साल आंधी-बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। खुले मैदान, खेत और जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोग, खासकर किसान और मवेशी चराने वाले बच्चे, सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

प्रशासन और राहत व्यवस्था

ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम, मुआवजा प्रक्रिया और परिवार को सहायता देने की कार्रवाई की जाती है। राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा के तहत पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है।