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बस्तर के बच्चों को मिला ‘देश देखने’ का मौका, अब किताबों के साथ बहार का भी मिलेगा ज्ञान, नई पहल…

Bastar Students Educational Tour: जगदलपुर/बस्तर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब पढ़ाई केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

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बस्तर के बच्चों को मिला 'देश देखने' का मौका, अब किताबों के साथ बहार का भी मिलेगा ज्ञान, नई पहल...(Photo-AI)

बस्तर के बच्चों को मिला 'देश देखने' का मौका, अब किताबों के साथ बहार का भी मिलेगा ज्ञान, नई पहल...(Photo-AI)

Bastar Students Educational Tour: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर/बस्तर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब पढ़ाई केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पीएम श्री स्कूलों के मेधावी छात्रों को एक्सपोजर विजिट के तहत देश के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें नई सीख और व्यापक दृष्टिकोण मिला।

Bastar Students Educational Tour: देश के प्रमुख स्थलों का कराया गया भ्रमण

इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को देश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों की यात्रा कराई गई। इन स्थलों पर जाकर बच्चों ने इतिहास, विज्ञान और संस्कृति को नजदीक से समझा। कक्षा में पढ़ाई जाने वाली चीजों को प्रत्यक्ष देखने का यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा।

भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने कलेक्टर आकाश छिकारा से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक बताया कि इस यात्रा ने उनकी सोच को नया आयाम दिया है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है।

आत्मविश्वास और सोच में आया बदलाव

शिक्षकों के अनुसार, इस पहल का सबसे बड़ा असर बच्चों के आत्मविश्वास पर पड़ा है। नए स्थानों को देखने और नई चीजों को समझने से उनके अंदर सीखने की ललक और भी बढ़ी है। बच्चों की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

शिक्षा का अहम हिस्सा बनी एक्सपोजर विजिट

कलेक्टर आकाश छिकारा ने इस पहल को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि किताबों से परे जाकर वास्तविक दुनिया को समझना बच्चों के समग्र विकास के लिए जरूरी है। प्रशासन ने साफ किया है कि आने वाले शैक्षणिक सत्र में भी इस तरह के कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे। इससे अधिक से अधिक छात्रों को इस अनुभव का लाभ मिलेगा।

ग्रामीण-शहरी अंतर को पाटने की कोशिश

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी बच्चों के बीच अवसरों की खाई को कम करना भी है। ऐसे कार्यक्रमों से दूर-दराज के क्षेत्रों के बच्चे भी बड़े स्तर पर सोचने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। प्रशासन और शिक्षकों का मानना है कि इस तरह की पहलें बच्चों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाती हैं। अनुभव आधारित शिक्षा से बच्चे न केवल ज्ञान अर्जित करते हैं, बल्कि जीवन के प्रति उनका नजरिया भी बदलता है।