जगदलपुर

बस्तर नहीं देखा तो हिंदुस्तान नहीं देखा, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया सरकार का मास्टर प्लान

Bastar Tourism Development: पत्रिका से विशेष बातचीत में शेखावत ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
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Jun 28, 2026
Chhattisgarh Tourism
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@सुबोध कुमार झा। Bastar Tourism: यदि आपने बस्तर नहीं देखा, तो समझो हिंदुस्तान नहीं देखा। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का यह बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है। इस बीच, 'पत्रिका' के साथ एक विशेष साक्षात्कार में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बस्तर को लेकर सरकार के विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर को हर मंच पर प्रमोट कर रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में बस्तर का जिक्र करते हैं। बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, यहां के मनोरम जलप्रपात और घने जंगल हमेशा से पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन अब नक्सल हिंसा के खात्मे के बाद इसे एक ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन (वैश्विक पर्यटन स्थल) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय फलक पर बढ़ता बस्तर का गौरव

साक्षात्कार के दौरान केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्र के शीर्ष नेता अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों में बस्तर का उल्लेख करते रहते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान और महत्व लगातार बढ़ रहा है। सरकार बस्तर के विकास के लिए एक प्रभावी रणनीति के तहत नए टूरिज्म सर्किट तैयार कर रही है, जिससे इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।

प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और जैव विविधता का संगम

बस्तर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र मात्र नहीं है, बल्कि यह अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, अद्वितीय जैव विविधता, गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर और जनजातीय परंपराओं के कारण देश के सबसे विशिष्ट क्षेत्रों में गिना जाता है। बस्तर की इसी अनमोल विरासत और प्राकृतिक संपदा को सहेजते हुए केंद्र सरकार यहां तेजी से विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतार रही है, ताकि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

चित्रकोट-तीरथगढ़ से आगे, अब दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ेगी पहुंच

बस्तर के पारंपरिक और सुप्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों जैसे चित्रकोट और तीरथगढ़ के विकास के बाद, अब सरकार का फोकस उन दूरस्थ और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों पर है जो अब तक पर्यटकों की पहुंच से दूर थे। हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर स्थित देश के सबसे ऊंचे जलप्रपातों में से एक, नंबी जलप्रपात का हवाई दौरा किया था।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नंबी जलप्रपात तक हर पर्यटक की पहुंच को आसान बनाया जाएगा और वहां बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और नक्सलवाद के खात्मे के बाद सरकार का पूरा ध्यान बस्तर में टूरिस्ट फुटफॉल (पर्यटकों की आमद) बढ़ाने पर केंद्रित है।

सुरक्षा और सुविधाएं होंगी सर्वोपरि: तोखन साहू

इसी कड़ी में, जगदलपुर में आयोजित पत्र सूचना कार्यालय के वार्तालाप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने मोदी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे में केंद्र सरकार की कड़क और सटीक रणनीति की बेहद अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद पर लगाम कसने के बाद, अब हमारा अगला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य बस्तर आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को विश्वस्तरीय और स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हम पर्यटन केंद्रों के कायाकल्प के साथ-साथ उन्हें पूरी तरह से सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

एक नए युग की शुरुआत

स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बस्तर अब भय और हिंसा के साये से बाहर निकलकर शांति, प्रगति और वैश्विक पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। आने वाले दिनों में बस्तर के नए टूरिज्म सर्किट दुनिया भर के घुमक्कड़ों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेंगे।

Published on:
28 Jun 2026 08:07 pm