वीआईपी नम्बर की दीवानगी
पंकज चतुर्वेदी / जयपुर। वाहनों के वीआईपी नम्बर के प्रति शहरवासियों की दीवानगी फिर देखने मिली है। सात सीटर वाहनों की नई सीरिज का पहला नम्बर नौ लाख रुपए में नीलाम हुआ है। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में मंगलवार को यह नीलामी हुई, जिसमें सपना ढ़ाका ने यूएल सीरीज का आरजे 14 यूएल 0001 नम्बर नौ लाख रुपए में खरीदा। नीलामी के लिए कार्यालय को दो आवेदन मिले थे। इसमें ढाका ने नौ लाख रुपए की अधिकतम बोली लगा नम्बर हासिल किया। इसमें आठ लाख रुपए नीलामी राशि और एक लाख रुपए आवेदन राशि शामिल है।
विधायक ने 5.51 लाख में खरीदा था वीआईपी नम्बर
फरवरी, 2012 में नाथद्वारा के तत्कालिक भाजपा विधायक कल्याण सिंह चौहान ने 5.51 लाख रुपए में अपनी गाड़ी के लिए वीआईपी नम्बर आरजे-14-यूई-0001 हासिल किया। नीलामी में शामिल विधायक के बेटे योगेन्द्र ने बोली लगाई, लेकिन नम्बर विधायक के नाम जारी हुए। गत वर्ष नवंबर में वीवीआईपी नंबर की ऑनलाइन बोली में देहरादून के मसूरी विधायक गणेश जोशी के बेटे मयक ने अपनी 32 लाख की गाड़ी के लिए एक लाख 77 हजार में 0001 नंबर लिया था। मयंक ने ही दूसरी कार के लिए 0007 नंबर 36 हजार रुपए की बोली लगाकर खरीदा था।
पहले का लेखा-जोखा
29 अप्रेल, 2011 को यूटिलिटी वाहनों की सीरीज की नीलामी में अधिकतम बोली भी 5.51 लाख रुपए लगी थी। वहीं 2 जून, 2011 को हुई कारों की नीलामी में 10 लाख रुपए में वीआईपी नम्बर आवंटित किए गए थे।
कारों के वीवीआईपी नंबर्स की डिमांड
प्रदेश में हमेशा से लग्जरी कारों के लिए वीवीआईपी नंबर्स की डिमांड रहती है। हर कोई गाडि़यों के वीवीआईपी नंबर्स लेना चाहते हैं। जिससे जितनी लग्जरी गाड़ी, उतना ही महंगा नंबर हो जाता है। वहीं छात्र राजनीति में भी वीवीआईपी नंबर्स का बडा क्रेज रहता है। एक छात्रनेता ने बताया कि पॉलिटिक्स में अब ग्लैमर का बोलबाला है। राजनीति की शुरुआत जब कैंपस से हो, तो ग्लैमर की शुरुआत क्यों नहीं।