
हनुमानगढ़ ।
राजस्थान में एक बार फिर शर्मसार कर देने वाली घटना हुई। इन दिनों हर रोज बलात्कार की घटनाएं आम होती जा रही है। आए दिन कोई न कोई ऐसी घटना सामने आती है जहां हर बार मानवता को हमेशा शर्मसार होना पडता है। कई लोग गंदी मानसिकता और हवस के चलते एेसी बारदातों को अंजाम देने में नही हिचकिचाते, वह अपनी बहन, बेटी को भी नहीं छोड़ते। ऐसी ही एक घटना हुई है राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में जहां एक व्यक्ति ने भाई-बहन जैसे पवित्र रिश्ते को भी नहीं छोड़ा।
हनुमानगढ़ जिले से सामने आई घटना में एक भाई के अपनी चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म कर देने का मामला सामने आया है। प्रकरण के अनुसार छह जनवरी 2016 को पीलीबंगा थाने में चेतनराम पुत्र हेतराम निवासी वार्ड 13 पीलीबंगा के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज कराया गया था। 12 वर्षीय पीडि़ता की मां ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि वह किसी कार्य से फलौदी गई। पीछे घर में पुत्री अकेली थी। इसलिए उसकी देखभाल का जिम्मा चेतनराम को सौंपा। पुत्री को उसके घर ही छोड़ गई।
रात को आरोपित ने पुत्री से दुराचार किया। अगले दिन पीडि़ता ने घटना की जानकारी माता को दी। इसके बाद फलौदी से पीलीबंगा पहुंचकर छह जनवरी को चेतनराम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल मुआयना करवा जांच शुरू की।
राज्य सरकार की ओर से मामले की विशिष्ट लोक अभियोजक ओमप्रकाश यादव ने पैरवी की। आरोपित के खिलाफ चालान पेश किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई कर उसे दोषी करार दिया। चचेरी बहन से दुराचार के मामले में आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है, जो अदा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।