केंद्र सरकार का गरीब कल्याण रोजगार अभियान: 1800 करोड़ के करवाए जाएंगे कार्य, 8 लाख मानव दिवस रोजगार पैदा करने की रहेगी कोशिश, नोडल अधिकारी करेंगे राज्य सरकारों से समन्वय
पत्रिका ब्यूरो
नई दिल्ïली. कोरोनाकाल में प्रवासी श्रमिकों को राहत दिलाने के लिए रेलवे सक्रिय हो गया है। केन्द्र सरकार के गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रेलवे प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार के तहत देशभर में 31 अक्टूबर तक 1800 करोड़ रुपए के काम देगा। इस दौरान 8 लाख मानव दिवस रोजगार पैदा करने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए रेलवे ने सभी क्षेत्रीय रेलवे कार्यालयों को राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं।
राजस्थान के 22 जिलों समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, ओडिशा और झारखंड के 116 जिलों में यह अभियान 125 दिन के लिए चलेगा। रेलवे के अधिकृत सूत्रों के अनुसार रेलवे के लगभग 160 बुनियादी ढांचागत कार्यों की पहचान की गई है, जिनमें तेजी लाई जानी है। सभी क्षेत्रीय रेलवे कार्यालयों को चिह्नित जिलों में सभी निर्माणाधीन बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इनसे हजारों कामगार जुड़ेंगे।
हर शुक्रवार को रिपोर्ट लेगा मंत्रालय
क्षेत्रीय रेलवे कार्यालयों को दैनिक आधार पर कार्यों की निगरानी के लिए कहा गया है। रेल मंत्रालय अक्टूबर के अंत तक हर शुक्रवार को इसकी रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालयों से लेगा।
यह कार्य कराएगा रेलवे
- लेवल क्रॉसिंग के लिए संपर्क मार्गों का निर्माण व रखरखाव
- रेल पटरी से सटे अवरुद्ध जलमार्गों, खाइयों और नालियों का विकास
- रेलवे स्टेशनों को जाने वाले संपर्क मार्ग का निर्माण व रखरखाव
- मौजूदा रेलवे तटबंधों व कटाव की मरम्मत
- रेलवे की भूमि पर वृक्षारोपण
- मौजूदा तटबंधों, कटाव और पुलों का सुरक्षा कार्य