10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Crime: जयपुर के कॉन्सर्ट में दिल्ली-मुंबई से आते थे चोर, स्टाइलिश नए कपड़े पहनकर महंगे टिकट से लेते एंट्री, 2 गिरफ्तार

Stole Phones-Wallet At Concert: गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे साफ हो गया है कि यह गिरोह बेहद प्लानिंग और प्रोफेशनल तरीके से काम करता था।

2 min read
Google source verification
Concert THief

मोबाइल चोरी गैंग के दो आरोपी ​अरेस्ट, पत्रिका फोटो

Rajasthan Crime: जयपुर शहर में आयोजित होने वाले बड़े कॉन्सर्ट और म्यूजिक इवेंट अब सिर्फ मनोरंजन का जरिया ही नहीं रहे, बल्कि शातिर चोर गिरोहों के लिए आसान निशाना भी बनते जा रहे हैं। हाल ही पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खास तौर पर कॉन्सर्ट में शामिल होकर महंगे मोबाइल और पर्स चोरी करने की वारदातों को अंजाम देता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुंबई और दिल्ली से सक्रिय होकर देशभर में जहां भी बड़े कॉन्सर्ट या म्यूजिक शो होते हैं, वहां पहुंच जाता है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे साफ हो गया है कि यह गिरोह बेहद प्लानिंग और प्रोफेशनल तरीके से काम करता था।

गिरफ्तार आरोपी मलकागंज दिल्ली निवासी राहुल और मुंबई निवासी कृष्णा अरविंद पेडनेकर ने पुलिस को बताया कि वे कॉन्सर्ट में घुसने के लिए बाकायदा महंगे टिकट खरीदते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। महंगे टिकट लेकर वे आम दर्शकों की तरह ही भीड़ में शामिल हो जाते थे और खुद को पूरी तरह से इवेंट में रमे हुए दिखाते थे।

पहले करते तैयारी…नए कपड़ों में आते

आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य वारदात से पहले खास तैयारी करते थे। वे नए और स्टाइलिश कपड़े पहनकर कॉन्सर्ट में पहुंचते थे, जिससे उनकी पहचान किसी भी आम युवा दर्शक जैसी लगे। उनका मकसद यही रहता था कि कोई भी व्यक्ति या सुरक्षा कर्मी उन पर जरा सा भी शक न कर सके।

भीड़ और शोरगुल का उठाते थे फायदा

कॉन्सर्ट के दौरान तेज म्यूजिक, डांस और भारी भीड़ का माहौल इन चोरों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन जाता था। आरोपी इसी अफरा-तफरी और शोरगुल के बीच अपने शिकार को निशाना बनाते थे। जैसे ही उन्हें मौका मिलता, वे भीड़ में खड़े लोगों के मोबाइल और पर्स चुपचाप निकाल लेते और आगे बढ़ जाते थे।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह खास तौर पर ऐसे लोगों को टारगेट करता था, जो महंगे स्मार्टफोन इस्तेमाल करते थे या जिनकी जेब में पर्स होने की संभावना ज्यादा होती थी। आरोपी भीड़ में घूमते हुए पहले अपने शिकार की पहचान करते और फिर सही मौके का इंतजार करते थे।

देशभर में फैला नेटवर्क

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कई अन्य सदस्य भी हैं, जो अलग-अलग शहरों में सक्रिय रहते हैं। जहां भी बड़ा कॉन्सर्ट या इवेंट होता है, वहां ये सभी सदस्य एकजुट होकर वारदात को अंजाम देते हैं।

चोरी के बाद ये लोग तुरंत शहर छोड़ देते हैं, जिससे पुलिस के लिए इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।