
पाली में बंद मकान में मिले मां और दो बेटों के शव। फोटो पत्रिका नेटवर्क
पाली। शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित आशापूर्णा टाउनशिप में गुरुवार को एक बंद मकान में मां और दो बेटों के शव मिले। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर सीओ सिटी और औद्योगिक थाना प्रभारी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो कमरे में महिला और उसके दो बेटों के शव जमीन पर पड़े मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों की मौत कुछ समय पहले ही हो चुकी थी, जिसके कारण शवों से दुर्गंध आने लगी थी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। मौत से पहले तीनों ने अपने रिश्तेदारों को आधार कार्ड और फोटो भेजे थे।
मृतकों की पहचान शांति देवी (65) पत्नी मांगीलाल मालवीय, नरपत लाल (34) और रघुवीर (26) के रूप में हुई है। मां-बेटों की मौत के कारणों का अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर एंगल से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
सीओ सिटी मदन सिंह चौहान ने बताया कि शाम करीब 5 बजे थाने में सूचना मिली कि रिश्तेदार फोन नहीं उठा रहे हैं और मकान का गेट अंदर से बंद है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मां और दो बेटों की शव फर्श पर पड़े मिले। तीनों के शव बांगड़ अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया है। मौके से दो मोबाइल और एक सुसाइड नोट भी मिला है।
मृतक के पडोसी सौरभ सारस्वत ने बताया कि उसकी आखिरी बार नरपत से बुधवार सुबह करीब 10 बजे हाऊसिंग बोर्ड चौराहे पर बात हुई थी। नरपत ने उससे कहा था कि उसे अस्पताल में दिखाना है। रात को मैंने यहां किसी को भेजा तो दरवाजा बंद मिला। इसके बाद उसे फोन किया, लेकिन किसी ने नहीं उठाया।
मृतक के रिश्तेदार लक्ष्मण मालवीय ने बताया कि नरपत के पिता मांगीलाल शहर के उम्मेद मिल के नौकरी करते थे। करीब 2 साल पहले उनकी मौत हो गई थी। तबसे उनकी पत्नी शांति देवी बीमार चल रही थी।
उनके बेटे नरपत के शरीर में गांठे होने से वो भी बीमार चल रहा था। जिसके कारण आठ माह से कोई काम नहीं कर रहा था। रघुवीर मोबाइल की दुकान पर काम करता था। दोनों भाइयों की शादी भी नहीं हुई थी।
Updated on:
9 Apr 2026, 9:27 PM IST
Published on:
9 Apr 2026, 9:12 PM IST
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