IMD Yellow Alert: जयपुर के अनुसार 19-20 मार्च को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि होने की भी संभावना है।
Rajasthan Weather Forecast: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बुधवार दोपहर बाद कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया। सीकर, रींगस, झुंझुनूं और जैसलमेर के कुछ इलाकों में बारिश हुई, जबकि अलवर में शाम के समय तेज आंधी चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सीकर सहित आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया।
सीकर में ओलावृष्टि का दौर करीब एक से दो मिनट तक चला। इसके बाद हल्की बारिश भी शुरू हो गई। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कुछ देर के लिए लोगों को काफी परेशानी हुई। अचानक बदले मौसम से सड़कों पर भी हलचल बढ़ गई और कई लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। इस दौरान कुछ इलाकों में तापमान में भी गिरावट महसूस की गई।
दिल्ली में खराब मौसम का असर राजस्थान तक देखने को मिला। बुधवार शाम जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। जानकारी के अनुसार एक के बाद एक करीब 14 फ्लाइट्स जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट होकर पहुंचीं। अचानक बढ़ी फ्लाइट्स की संख्या के कारण एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए हलचल का माहौल रहा।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 19 और 20 मार्च को राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में मेघगर्जन के साथ तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सीकर में हुई ओलावृष्टि के बाद मौसम विभाग ने सुबह 8:30 बजे से अगले 120 मिनट के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने कहा है कि मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को भी सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि पककर तैयार फसलों, कृषि मंडियों और धान मंडियों में खुले में रखे अनाज और जिंसों को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें, ताकि बारिश से नुकसान न हो। तेज हवाओं के कारण कई जगह खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल भी आड़ी पड़ गई है। किसानों का कहना है कि इस समय होने वाली बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका रहती है।