जयपुर

जयपुर में बुजुर्ग की हत्या मामला: पुलिस को ही करवाना पड़ा अंतिम संस्कार, मां-बेटा गिरफ्तार, भाई ने शव लेने से किया इनकार

2 साल में 2 हत्या के मामले से जुड़े मां-बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में बुजुर्ग की हत्या का है। मृतक के भाई ने शव लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार कराया।
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Aug 21, 2026
jaipur murder news
आरोपी मां-बेटे की फाइल फोटो: पत्रिका

Jaipur Murder Case: जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में एक परिवार से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है जिसमें 2 साल के भीतर हत्या की 2 वारदात हुई हैं। साल 2024 में इसी परिवार की बहू की हत्या हुई थी। जिसके आरोप में सब सजा काट रहे थे और 4 महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे जिसके बाद अब 2026 में 75 साल के जगदीश चौधरी की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में जगदीश की 70 साल की पत्नी संजना देवी और छोटे बेटे सवाईराम जाट को गिरफ्तार किया है। परिवार का बड़ा बेटा पहले से जेल में बंद है।

पुलिस ने बताया कि जगदीश शराब पीने का आदी था और घर में अक्सर विवाद करता था। इसी बात को लेकर परिवार में आए दिन तनाव रहता था। आरोप है कि विवाद के बाद छोटे बेटे सवाईराम ने कुल्हाड़ी से जगदीश पर हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को घर में ही छिपाकर रखा।

बहू की हत्या में भी जेल गया था परिवार

पुलिस जांच में सामने आया कि इस परिवार पर पहले भी हत्या का मामला दर्ज हो चुका है। 2024 में जगदीश की बहू की हत्या हुई थी। उस मामले में जगदीश, उसकी पत्नी और दोनों बेटे जेल गए थे। जगदीश का बड़ा बेटा अभी भी जेल में बंद है। वहीं जगदीश, उसकी पत्नी और छोटा बेटा करीब 4 महीने पहले ही जमानत पर बाहर आए थे।

गांव ले जाकर करना था अंतिम संस्कार

जगदीश के शव को पैतृक गांव टोडारायसिंह ले जाने की तैयारी की गई थी। इसके लिए सवाईराम ने एक टैक्सी बुलाई। शव को कट्टे में रखा गया था। लेकिन अंतिम संस्कार से पहले ही पुलिस पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि मामले में संजना देवी और उसके छोटे बेटे सवाईराम जाट को जयपुर के गोविन्दपुरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद और जगदीश के शराब पीने की बात सामने आई है।

पुलिस ने करवाया अंतिम संस्कार

पुलिस के मुताबिक घटना के बाद शव को छिपाकर रखा था और उसके बाद किसी को शक ना हो तो में उसे गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करने की योजना थी लेकिन टैक्सी चालक की सूचना से पुलिस समय पर पहुंच गई और शव को बरामद कर लिया। घटना के बाद मृतक के भाई ने शव लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार करवाया।

Updated on:
21 Aug 2026 09:05 am
Published on:
21 Aug 2026 08:56 am