
जयपुर। मतदाता सूचियों से फर्जी नामों को लेकर कांग्रेस निर्वाचन आयोग में जा रही है। मुद्दा उठा रही है। इसी बीच एक और बड़ा मुद्दा सामने आया है। इसमें अब गायब नामों को लेकर सामाजिक संगठन सामने आए हैं। राजस्थान के अनेक संगठन और सेंटर फॉर रिसर्च एंड डिबेट इन डवलपमेंट पॉलिसी ने ऐसी ही जांच की। इसमें सामने आया है कि जयपुर जिले के हवामहल विधानसभा क्षेत्र में 14 हजार 356 घर ऐसे हैं, जो एकल मतदाता घर है। यानि की मतदाता सूची में 418526 घर में से 34.2 प्रतिशत घरों में सिर्फ एक ही पंजीकृत मतदाता निकला है। जबकि जनगणना 2011 के अनुसार जयपुर जिले में 2.41 प्रतिशत की एकल सदस्य घर है।
सेंटर फॉर रिसर्च के अबू सलेह शरीफ ने बताया कि मतदाता सूची के इस आकंड़ों के बाद हमनें रेंडम एकल मतदाताओं के घर गए। वहां देखने को मिला कि उनके परिवार में सदस्य तो ज्यादा हैं। उनके मतदाता पहचान पत्र भी बने हुए हैं, लेकिन मतदाता सूची से नाम गायब हैं। इसको लेकर सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।
कम से कम 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम गायब
इसमें गुजरात विधानसभा विधायक मेवानी ने राजस्थान मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि रानी महल में है और सारे वोटर हवा में। यदि हवामहल का 34 प्रतिशत एकल परिवार से मतदाता गायब है तो राजस्थान में कम से कम 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम गायब हैं। इनका तुंरत पंजीकरण होना चाहिए। यदि ये नहीं होगा तो ये निर्वाचन आयोग के लिए शर्म का विषय होगा। मेवानी ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो हो सकता है उस पात्र को बीपीएल कार्ड भी नहीं मिले। वो भी नहीं होने से कई योजनाओं से वंचित रह जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का कैंपेन में लाखों की संख्या में शौचालय बनाना है लेकिन जिनके पास पहचान पत्र ही नहीं है वे कैसे शौचालय बनाएंगे। कहां से राशन मिलेगा। पात्रों का नाम कैसे मतदाता सूची से गायब हो गया ये तो चमत्कार ही है। अब आयोग बताए कि ये चमत्कार कैसे हुआ है।