महिला ने सिर्फ दबंगों को कहा था कि खेत से होकर नहीं आएं
सवाईमाधोपुर के खंडार का मामला
सवाईमाधोपुर में बीती रात एक बुजुर्ग महिला की बीस से भी ज्यादा लोगों ने सिर्फ इसलिए हत्या कर डाली क्योंकि महिला ने उनमें से कुछ को अपने खेत से आने के लिए मना कर दिया था। हमलावरों ने महिला को जब तक पीटा तब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
वहीं परिजनों और गांव वालों को मदद तक नहीं करने दी। जो मदद करने आया उन्हें भी मारा। सरियों के दर्जनों वार से पूरी तरह लहूलुहान हुई महिला ने आखिर बीस मिनट में दम तोड़ दिया। उसके बाद हत्यारे गांव वाले और परिजनों को धमकियां देते हुए वहां से चलते बने। बाद में पुलिस पहुंची और महिला के क्षत विक्षत शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मामला खंडार गांव का है।
पुलिस ने गीता के पति घनश्याम की शिकायत पर अजफल, मांगीलाल, पुरुषोत्तम, महेश समेत अन्य युवकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। हत्या की इस वारदात के बाद से ही सभी फरार हैं। उधर, गांव में तनाव के हालात हैं। मौके पर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस ने बताया कि गांव निवासी गीता और उसका पति घनश्याम शुक्रवार शाम खेतों में काम कर रहे थे। उस समय पास ही रहने वाले कुछ युवक गीता के खेत से होकर गुजरे।
गीता ने उनको मना किया कि दुबारा से खेत के रास्ते से नहीं निकलें। इस पर कहासुनी भी हुई। गांव वालों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। रात करीब दस बजे कुछ युवक गीता के घर पहुंचे। घर में घुसने के बाद गीता और उसके पति से मारपीट की। गीता के अलावा सभी को कमरों में बंद कर दिया। करीब बीस हमलावरों ने गीता को सरियों से पीटा और उसकी हत्या कर दी।
जो बचाने आया उस पर भी किया हमला
गीता के पति घनश्याम ने पुलिस को बताया कि जब बदमाश गीता को पीट रहे थे तो परिजनों को कमरे मंे बंद कर दिया था। परिजन गुहार लगाते रहे लेकिन वे नहीं माने। इस बीच घर के बाहर जमा हुए गांव के लोग भी मदद के लिए आगे आए लेकिन बदमाशों ने उनको भी जान से मारने की धमकी दी। दो युवक आगे भी आए लेकिन उन पर सरियों से हमला कर उनको पीटकर वहां से भगा दिया। उसके बाद गीता को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। तड़प तड़पकर गीता ने दम तोड़ दिया