
जयपुर . विदेशी पर्यटक की मौत के बाद नगर निगम ने परकोटा सहित शहर भर में अवैध डेयरियों और आवारा पशुओं पर सख्ती से अभियान चलाया, लेकिन मौजूदा कुछ और ही बयां कर रहे हैं। पत्रिका टीम ने सोमवार को निगम के दावे को जांचा तो परकोटे में हालात खराब मिले। किसी ने पर्दे लगाकर तबेले को छुपा रखा था तो किसी ने सीज की गई अवैध डेयरी को खुलवा लिया है और पहले की तरह ही व्यापार संचालित हो रहा है। टीम ने उन स्थानों की पड़ताल की, जहां निगम ने कार्रवाई कर इन्हें बंद कराया था।
सभी जगह पहले जैसा ही हाल
टीम सबसे पहले धूला हाउस पहुंची। यहां निगम ने अभियान चलाकर तबेले ध्वस्त कर दिए थे और पशुधन जब्त कर लिया था। मौके पर घर के अंदर कई गाय बंधी हुई मिलीं। आस-पास के लोगों का कहना था कि अब धीरे-धीरे गायों का आना शुरू हो गया है। जयलाल मुंशी के रास्ते के चौथे चौराहे पर भी यही हाल था। यहां पर पशुपालक ने घर की बजाय सड़क पर ही गायों को बांध रखा था। तोताराम पालीवाल की गली में जिस डेयरी को निगम में सीज किया था, वहां डेयरी का संचालन होता मिला। घर के बाहर दो गाय बंधी थीं और अंदर भी आधा दर्जन से अधिक गाय थीं।
निगम का दावा: गौ वंश हिंगोनिया भेजा
निगम अधिकारियों का दावा है कि बीते तीन माह में ठेकेदार ने एक हजार से अधिक गौवंश को गौशाला भेजा है। लेकिन गायें वापस आने के कारण स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अवैध डेयरियों के आस-पास रहने वाले लोगों का कहना है कि जब निगम की कार्रवाई के दौरान ही गायों को हटा दिया गया था। अब फिर से गायें आ गई हैंं।
पुरानी बस्ती मौहल्ला विकास समिति के प्रवक्ता अमित शर्मा लियो ने बताय की नाहरगढ़ रोड समेत पूरे परकोटे में अवैध तरीके से डेयरियों का संचालन हो रहा है। इसको लेकर समिति ने उपायुक्त गौशाला को पत्र भी लिखा था। उन्होंने अधीनस्थों को मौके पर जाकर कार्रवाई के आदेश भी दिए थे, लेकिन आदेश के दो माह बाद भी किसी भी अधिकारी को मौके पर आने की जरूरत ही नहीं समझी।
Published on:
24 Mar 2018 12:59 pm
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