ओडिशा के बालासोर में 2 जून की शाम करीब साढ़े सात बजे 3 ट्रेनें आपस में टकरा गई। हादसे में 238 यात्रियों की मौत और 900 से ज्यादा जख्मी हो गए हैं। मौके पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
जयपुर. ओडिशा के बालासोर में 2 जून की शाम करीब साढ़े सात बजे 3 ट्रेनें आपस में टकरा गई। हादसे में 238 यात्रियों की मौत और 900 से ज्यादा जख्मी हो गए हैं। मौके पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। देशभर में रेलवे सेफ्टी के नाम पर हर साल अरबों रुपए खर्च कर रहा है, लेकिन रेल हादसों पर रोक नहीं लग पाई है। इसी साल छह माह में यह दूसरा बड़ा रेल हादसा है। इससे पहले राजस्थान के पाली जिले में गत जनवरी माह में सूर्यनगरी एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, लेकिन उसमें कोई जनहानि नहीं हुई थी। उस समय रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव भी मौके पर पहुंचे थे और हादसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही थी, लेकिन फिर बड़ा हादसा हो गया। सूर्यनगरी एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे ने कुछ समय तक सतर्कता अभियना चलाया था, लेकिन सेफ्टी से जुड़े रिक्त पदों को भरने कोई पहल नहीं हुुई। अब गत शुक्रवार शाम को ओडिशा के बालासोर जिले में दो सवारी गाड़ी और एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसे में करीब 238 लोगों की मौत हो गई और करीब 900 लोग घायल हो गए। बालेलासोर जिले के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार शाम 7.20 बजे हावड़ा से आ रही कोरोमंडल एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकराकर पटरी से उतर गई। इससे करीब एक दर्जन डिब्बे दूसरे ट्रैक पर जा गिरे। इसी बीच उस ट्रैक पर आ रही यशवंतपुर-हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेन उतरी हुई बोगियों से टकरा गई। घायल लोगों को अस्पतालों में ले जाया गया है। एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत में जुटी है। शाम से ही राहत और बचाव जारी है। घायल यात्रियों को बालासोर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। वहीं अन्य अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। हादसे के बाद कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और कई ट्रेनों का रास्ता बदला है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मुख्य सचिव को राहत और बचाव कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राहुल गांधी ने हादसे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोक जताया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा सरकार के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। घटनाक्रम के अनुसार करीब 7 बजे के आसपास शालीमार-चेन्नई एक्सप्रेस के 10-12 कोच बालासोर के पास पटरी से उतर गए और सामने वाले ट्रैक पर जा गिरे। कुछ देर बाद दूसरी ट्रेन आई और उन पलटे कोचों से टकरा गई, जिससे उसके भी 3-4 कोच बेपटरी हो गए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे में मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। हादसे में मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए, गंभीर घायल को दो लाख रुपए, मामूली घायलों को 50,000 रुपए की मदद दी जाएगी। पीएम राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार देने की घोषणा की है।
2011 के बाद हुए हादसे
22 जनवरी 2017 हीराखंड एक्सप्रेस 39 मौत
19 अगस्त 2017 उत्कल एक्सप्रेस 21 मौत 97 घायल
20 नवंबर 2016 पुखरांया हादसा 150 मौत
20 मार्च 2015 जनता एक्सप्रेस 34 मौत
4 मई 2014 सावंतवादी पैसेंजर 20 मौत 100 घायल
28 दिसंबर 2013 नांदेड़ एक्सप्रेस 26 मौत
30 जुलाई 2012 तमिलनाडु एक्सप्रेस 30 मौत
07 जुलाई 2011 यूपी दुर्घटना 38 मौत