स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 की तैयारियां शहर में चल रही हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंक सुधारने के लिए बच्चों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। न सिर्फ कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा है, बल्कि निगम की टीमें स्कूलों में बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ा रही हैं। ऐसा करने से बच्चे पहले खुद सफाई का […]
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 की तैयारियां शहर में चल रही हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंक सुधारने के लिए बच्चों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। न सिर्फ कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा है, बल्कि निगम की टीमें स्कूलों में बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ा रही हैं। ऐसा करने से बच्चे पहले खुद सफाई का महत्व समझ रहे हैं फिर परिजन को समझा रहे हैं। दोनों निगम पिछले एक माह में 50 से अधिक आयोजन स्कूलों में कर चुके हैं। कई स्कूलों में तो स्वच्छता अंत्याक्षरी से लेकर पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी शहरी सरकारों की ओर के करवाई हैं। इसके लिए चार टीमें बनाई गई हैं। कुछ एनजीओ का भी सहयोग लिया जा रहा है। निगम अधिकारियों की मानें तो अब तक 40 से 45 हजार बच्चों को सफाई का महत्व समझाया जा चुका है।
बच्चों को ये बताया
-मम्मी को बताएं कि गीला-सूखा कचरा अलग रखने के लिए दो डस्टबिन रखें।
-हूपर आए तो उसमें कचरा भी अलग-अलग ही डालें।
-कचरा अलग-अलग देंगे तो उसको रिसाइकिल आसानी से किया जा सकेगा।
-कचरे के पहाड़ बनेंगे तो इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान होगा बल्कि भूजल और जमीन पर भी दुष्प्रभाव पड़ेंगे।