जयपुर

Weather Update: राजस्थान में छाया मौसम का पंचतंत्र, 7 जून को बारिश का यलो अलर्ट जारी

Weather Update : राजस्थान में अगले 48 घंटे बेहद खतरनाक होने जा रहा है। प्रदेश में साथ दो पश्चिमी विक्षोभ और तीन चक्रवात तंत्र विकसित हुए हैं। इसके कारण अगले 48 घंटे के दौरान जबरदस्त बारिश होगी और प्रदेश में अंधड़ आएगा।

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Jun 05, 2023
5 Cyclone System In Rajasthan IMD Predicts Heavy Rains And Issued Warning Thunderstorm

weather update राजस्थान में अगले 48 घंटे बेहद खतरनाक होने जा रहा है। प्रदेश में साथ दो पश्चिमी विक्षोभ और तीन चक्रवात तंत्र विकसित हुए हैं। इसके कारण अगले 48 घंटे के दौरान जबरदस्त बारिश होगी और प्रदेश में अंधड़ आएगा। पाकिस्तान से बन रहे चक्रवात की गति 70 किलोमीटर से अधिक हो सकती है। ऐसे में यह तूफान भी बन सकता है। इस कारण से प्रदेश में नुकसान संभावना भी बनती दिखाई दे रही है।

जयपुर मौसम केंद्र ने बताया है कि 5 जून को आया पहला पश्चिमी विक्षोभ इस समय 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। वहीं एक दूसरा पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान से सटे उत्तरी पाकिस्तान में मंडरा रहा है। तीसरा तंत्र उत्तर पश्चिमी राजस्थान में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। चौथा तंत्र उत्तर पूर्व राजस्थान में 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। पांचवा तंत्र दक्षिण पश्चिम राजस्थान में 0.9 की ऊंचाई पर मंडरा रहा है।

इसके कारण मौसम विभाग ने 6 जून को जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं 7 जून को यह अलर्ट जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर जारी किया गया है। इस दौरान इन संभागों के कई जिलों में जबरदस्त बारिश और आंधी के साथ ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है।

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छह संभाग में सामान्य से कम तापमान

राजस्थान में भले ही धूप निकल आई हो लेकिन तापमान अभी भी सामान्य से कम चल रहा है। मौसम विभाग के जयपुर केंद्र न बताया है कि प्रदेश के अजमेर, जयपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में तापमान सामान्य से कम है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के पांच जिलों में एक से लेकर 10 मिलीमीटर तक बरसात भी दर्ज की गई है।

अरब सागर में चक्रवात
मौसम विभाग ने बताया है कि अरब सागर और लक्षद्वीप के निकट एक चक्रवात पैदा हो गया है। इसके कारण अगले 24 घंटे में यह क्षेत्र निम्न दबाव का इलाका बन जाएगा। इस यह उत्तर की तरफ बढ़ेगा। इससे मानसून को अगले 48 घंटे में आगे बढ़ते हुए केरल तट पर पहुंचने में मदद मिलेगी।

Published on:
05 Jun 2023 06:44 pm