जयपुर

रुपए में व्यापार के लिए 64 देशों की दिलचस्पी

भारतीय मुद्रा रुपए में विदेश व्यापार के लिए दुनिया के 64 देशों ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें जर्मनी और इजरायल के साथ कई अफ्रीकी व एशियाई देश हैं। पड़ोसी श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार भी यह सहूलियत चाहते हैं।
less than 1 minute read
Feb 27, 2023
रुपए में व्यापार के लिए 64 देशों की दिलचस्पी
रुपए में व्यापार के लिए 64 देशों की दिलचस्पी

मुंबई. भारतीय मुद्रा रुपए में विदेश व्यापार के लिए दुनिया के 64 देशों ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें जर्मनी और इजरायल के साथ कई अफ्रीकी व एशियाई देश हैं। पड़ोसी श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार भी यह सहूलियत चाहते हैं।
प्रतिबंधों से दबे रूस व ईरान के साथ बातचीत प्रगति पर है। आरबीआइ पिछले साल जुलाई में ही इसका रास्ता खोल चुका है। इसमें वोस्त्रो एकाउंट की भूमिका अहम है। आरबीआइ की मंजूरी से भारतीय स्टेट बैंक सहित दर्जन भर बैंकों में वोस्त्रो खाते खोले जा सकते हैं। इसके तहत दो देशों के बीच आयात-निर्यात बिलों का भुगतान स्थानीय मुद्रा में होता है। दोनों देशों के बैंकों में खुले वोस्त्रो एकाउंट में रकम जमा की जाती है। विदेश व्यापार में अमरीकी डॉलर का दबदबा है। महंगा डॉलर खरीदने में कई देशों के पसीने छूट रहे हैं। स्थानीय मुद्रा में सेटलमेंट की दशा में डॉलर पर निर्भरता कम होगी।
हो सकते हैं कई फायदे : स्थानीय मुद्रा में आयात बिलों के भुगतान के कई फायदे हैं। सबसे अहम यह कि बाजार से डॉलर नहीं खरीदना पड़ेगा। डॉलर के भाव में उतार-चढ़ाव के जोखिम से निजात मिलेगी। विदेशी मुद्रा खरीदने के लिए शुल्क नहीं चुकाना होगा। सालाना आधार पर आयात-निर्यात बिलों के भुगतान के बाद वोस्त्रो खाते में जमा रकम भविष्य में इस्तेमाल की जा सकती है।

Published on:
27 Feb 2023 07:26 pm