
विजय शर्मा/जयपुर. एक और जहां पेड़ लगाओ जीवन बचाओ के नारे लगाकर आमजन को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी और विकास के नाम पर सरकार पेड़ों बलि चढ़ाने की तैयारी कर रही है। एक दो नहीं बल्कि 700 पेड़ों की एयरपोर्ट के विकास के लिए कुर्बानी ली जाएगी। इससे एक बार फिर शहर की हरियाली पर अब ग्रहण लग जाएगा। एयरपोर्ट प्रशासन ने पेड़ों को काटने की भी तैयारी कर ली है। परिसर में सुविधाओं के विस्तार के लिए तकरीबन 700 पेड़ चिन्हित भी कर लिए गए हैं। इनको हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने इस संबंध में तहसीलदार को पत्र भी भेजा है।
प्रकृतिप्रेमी उतरे विरोध में
एयरपोर्ट पर टर्मिनल और पार्किंग के लिए विकास किया जाएगा। जिसमें एयरबस और प्लेन पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। एयरपोर्ट में इतनी ताताद में पेड़ों की बलि के खिलाफ प्रकृतिप्रेमियों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है। प्रकृतिप्रेमियों का दावा है कि एयरपोर्ट प्रशासन विकास के नाम पर 680 बड़े पेड़ और 400 से अधिक छोटे पेड़ों की बलि चढ़ा रहा है। वहीं दूसरी ओर एयरपोर्ट परिसर में हजारों पेड़ों पर पक्षियों का भी बसेरा है। ऐसे में पेड़ों की बलि होगी तो हजारों पक्षी भी बेघर हो जाएंगे। इधर हॉप एंड वियोंड के डॉ जॉय गार्डनर का कहना है कि एयरपोर्ट पर पेड़ों की कटाई का विरोध किया जाएगा। जयपुर फेडरेशन ऑफ एनिमल प्रोटेक्शन आर्गेनाइजेशन के १३ संस्थाएं पेड़ों की कटाई का विरोध कर रही है। इस संबंध में निदेशक को ज्ञापन भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि अर्बन हीट आईलैंड मुख्य समस्या सिर्फ शहरों में पेड लगाने से ही सुलझ सकती है। इसी प्रकार पेड काटते रहेंगे तो हरित जयपुर का सपना नहीं हो पाएगा। जयपुर एयरपोर्ट के निदेशक जेएस बलहारा के अनुसार विकास के लिए करीब ७०० पेड़ काटे जाएंगे। उन्होंने कहा, इसके लिए तहसीलदार को पत्र भेजा है। कुछ लोग विरोध भी कर रहे हैं, उनका ज्ञापन विभाग को भेज दिया गया है।