
Rajasthan Local Body Elections (Patrika File Photo)
Rajasthan Local Body Elections: राजस्थान में 309 निकायों के चुनाव में 10 हजार 112 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान से हट गए। इसके अलावा 17 हजार से अधिक के नामांकन खारिज हो गए। अब 10 हजार 245 वार्डों में 38 हजार 891 दावेदारों के बीच मुकाबला होगा। नामांकन वापसी के आखिरी दिन तक प्रत्याशियों ने विरोधियों को पक्ष में करने के लिए साम-दाम, दंड-भेद सारे उपाय आजमाए।
बाड़मेर में रालोप प्रत्याशी ने नामांकन वापस लेकर भाजपा ज्वाइन कर ली। इस घटनाक्रम में समर्थकों से बचने के लिए प्रत्याशी को पुलिस की मदद लेनी पड़ी तो नाथद्वारा में नाम वापसी के लिए आए भाजपा प्रत्याशी को पुलिस पकड़ कर ले गई। परिजनों ने मारपीट का आरोप लगाया। वहीं, भीलवाड़ा में निर्दलीय प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी पर प्रलोभन देकर चुनाव से हटने का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने इस मामले में निर्दलीय प्रत्याशी के घर से एक लाख की राशि जब्त की है। इसी उठापटक में 62 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 31 अगस्त तक 58 हजार 379 उम्मीदवारों ने 69 हजार 929 नामांकन दाखिल किए थे। नामांकन जांच के बाद 49 हजार 080 उम्मीदवार मैदान में रह गए थे। 10 हजार 112 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद चुनाव मैदान में रह गए प्रत्याशियों की संख्या 38 हजार 891 रह गई है।
बांसवाड़ा के वार्ड 12 की कांग्रेस प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में नामांकन वापस ले लिया। भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी ने बताया कि कांग्रेस को प्रत्याशी नहीं मिल रहा था। उन्होंने हमारी कार्यकर्ता से आवेदन भरवा लिया था। वहीं, कोटा जिले के रामगंजमंडी में वार्ड 27 से कांग्रेस प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। वार्ड से चार निर्दलीयों के साथ ही भाजपा प्रत्याशी रवि मेवाड़ा ने भी नामांकन वापस ले लिया।
नाथद्वारा में नाम वापसी के दौरान उपखंड कार्यालय में हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा हुआ। नाम वापस लेने जा रहे वार्ड 23 से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत को भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी आ गए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से तनावपूर्ण हालात बन गए। पुलिस ने प्रजापत को साथ लेकर चली गई। कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस-प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगा धरने पर भी बैठे। बताया जा रहा है कि प्रत्याशी की गुमशुदगी का मामला भी दर्ज हुआ है।
पाली शहर में नामांकन वापस लेने के दौरान वार्ड 1 से निर्दलीय प्रत्याशी लीला देवी संकलेचा की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने भाजपा पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से वह नामांकन वापस लेने पहुंची हैं। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्हें मुश्किल से रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष ले जाया गया, जहां उन्होंने नामांकन वापस लिया।
भीलवाड़ा वार्ड 49 में निर्दलीय प्रत्याशी ने भाजपा उम्मीदवार पर चुनाव से हटने के लिए 1 लाख रुपए की रिश्वत देने का गंभीर आरोप लगाया। निर्दलीय रोहित सेन ने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार अमित सारस्वत नाम वापस लेने का दबाव बना रहे थे। गुरुवार सुबह भाजपा प्रत्याशी उनके घर पहुंचे और उनकी गैरमौजूदगी में पत्नी को 1 लाख रुपए थमा दिए। घर पहुंचने पर घटना की जानकारी मिली तो पुलिस और निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने राशि जब्त कर ली है।
Updated on:
04 Sept 2026 07:29 am
Published on:
04 Sept 2026 07:29 am
