
आरएलपी प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने को लेकर भाजपा और आरएलपी आमने-सामने। फोटो: पत्रिका
जयपुर। निकाय चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन गुरुवार को प्रदेश के कई शहरों में सियासी टकराव देखने को मिला। नाथद्वारा में भाजपा प्रत्याशी नामांकन वापस लेने पहुंचे तो दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। बाड़मेर में आरएलपी प्रत्याशी को नामांकन वापस लेने के लिए अंदर ले जाने को लेकर भाजपा और आरएलपी कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की हुई। वहीं फतहनगर-सनवाड़ में कांग्रेस प्रत्याशी के अचानक गायब होने पर पार्टी ने भाजपा पर दबाव बनाने और कथित अपहरण का आरोप लगाया।
नामांकन वापसी के अंतिम दिन गुरुवार को फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका के वार्ड 20 से कांग्रेस प्रत्याशी रेखा वैष्णव व उनका पति अचानक गायब हो गए। बाद में दोनों लौट आए। कांग्रेस ने भाजपा पर उनका अपहरण करने का आरोप लगाया।
बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन गुरुवार को वार्ड संख्या 43 में आरएलपी प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने को लेकर भाजपा और आरएलपी आमने-सामने हो गए। एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रत्याशी को अंदर ले जाने को लेकर दोनों पक्षों में करीब पांच मिनट तक खींचतान और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने बीच-बचाव का प्रयास किया। आरएलपी प्रत्याशी धर्माराम प्रजापत नामांकन वापस लेने पहुंचे थे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह उन्हें अंदर ले जाने लगे, तभी आरएलपी कार्यकर्ताओं ने रोकने का प्रयास किया। बाद में भाजपा पदाधिकारी उन्हें अंदर ले गए और उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। धर्माराम ने कहा कि परिवार और जनता साथ नहीं होने से चुनाव नहीं लड़ने तथा भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया।
नाथद्वारा उपखंड कार्यालय में गुरुवार को नाम वापसी के दौरान हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला। वार्ड नंबर 23 से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत नामांकन वापस लेने के लिए उपखंड कार्यालय पहुंच गए। इसकी भनक लगते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी घेर लिया। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से तनावपूर्ण हालात बन गए। पुलिस ने प्रत्याशी प्रजापत को कब्जे में लिया और उन्हें अपने साथ लेकर चली गई। देर शाम तक परिजन डिप्टी कार्यालय में ही डटे रहे।
टोंक परिषद के परिसीमन में समीप की ग्राम पंचायत डारडाहिंद को वार्ड 2 में शामिल करने के बाद से चल रहे आंदोलन अब चुनाव बहिष्कार तक पहुंच गया। डारडाहिंद गांव को वार्ड 2 में शामिल किया गया था। कांग्रेस ने वार्ड में प्रत्याशी नहीं उतारा। जबकि
भाजपा समेत तीन अन्य निर्दलीय ने नामांकन दाखिल किया था। गांव में आंदोलन जारी है। ऐसे में डारडाहिंद से नामांकन करने वाली भाजपा प्रत्याशी सुनीता समेत निर्दलीय गायत्री चौधरी, विमला और सुमन ने नामांकन वापस ले लिया है। वार्ड में चुनाव नहीं होगा।
Updated on:
4 Sep 2026, 8:28 AM IST
Published on:
4 Sep 2026, 8:28 AM IST
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