
जयपुर। राजस्थान सरकार में तबादलों की तीसरी बार खिड़की खुलने की चर्चाओं के बीच करीब 8 लाख कर्मचारी, अधिकारी और जनप्रतिनिधि फैसले का इंतजार कर रहे है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही 10 जून के बाद तबादलों पर निर्णय के संकेत दिए थे। इसके बाद सरकारी महकमे में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में राजस्थान में आगामी दिनों में तबादलों से बैन हट सकता है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि इस बार गर्मी की छुट्टियों के दौरान तबादले खोले जाते हैं तो बच्चों की पढ़ाई और परिवारों के स्थानांतरण से जुड़ी परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकेगा। भजनलाल सरकार बनने के बाद अब तक दो बार सामान्य तबादले खोले जा चुके हैं, लेकिन दोनों ही बार यह प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र के बीच हुई। ऐसे में कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस बार गर्मी की छुट्टियों में ही तबादलों की खिड़की खोली जाएगी।
हाल ही में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी राजस्थान में शिक्षकों के तबादले को लेकर संकेत दिए थे। शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर तबादले होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि यदि मुख्यमंत्री तबादले खोलने के निर्देश देंगे तो उनकी पालना की जाएगी। बड़ी संख्या में व्याख्याताओं और प्राचार्यों के तबादले हो चुके हैं। ऐसे में इनके दोबारा तबादले खोलने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन, अन्य कर्मचारी वर्गों के तबादलों पर सरकार समय आने पर निर्णय लेगी और थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर ही लिया जाएगा।
10 से 22 फरवरी 2024: सभी विभागों, निगमों और बोर्डों में तबादलों की अनुमति।
1 से 15 जनवरी 2025: अधिकांश विभागों में तबादले खुले, जबकि शिक्षा से जुड़े कई विभागों में प्रतिबंध जारी रहा।
8 मई से 30 जून 2025: सीमा से सटे जिलों में रिक्त पद भरने के लिए विशेष छूट के तहत तबादले किए गए।
पूर्ववर्ती सरकारें आमतौर पर कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए गर्मी की छुट्टियों में तबादले खोलती रही हैं। बीच सत्र में तबादले होने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।
-गजेन्द्र सिंह राठौड़, प्रदेशाध्यक्ष अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)