
Civil Defence: जयपुर। कूकस में बुधवार दोपहर एक सूखे कुएं के पास अचानक ऐसा मंजर बन गया, जिसने आसपास मौजूद लोगों की सांसें रोक दीं। करीब 90 फीट गहरे कुएं में एक पुरुष और महिला गिर गए थे। उन्हें बचाने की कोशिश में दो और लोग कुएं में नीचे उतर गए, लेकिन हालात ऐसे बिगड़े कि वे भी वापस बाहर नहीं आ सके। देखते ही देखते कुएं की गहराई में चार जिंदगियां फंस गईं और ऊपर खड़े लोगों के सामने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती खड़ी हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही नागरिक सुरक्षा विभाग के कंट्रोल रूम से डीक्यूआरटी टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। टीम जब कूकस पहुंची तो सामने सबसे बड़ी चुनौती कुएं की गहराई के साथ उसकी कच्ची संरचना थी। कुएं की दीवारों के धंसने का खतरा लगातार बना हुआ था। ऐसे में नीचे उतरकर लोगों को बाहर निकालना सिर्फ शारीरिक साहस का नहीं, बल्कि बेहद सावधानी और तकनीकी समझ का काम था।
सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने हालात का आकलन किया और बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान क्रेन की मदद भी ली गई। टीम के सदस्यों ने एक-एक कदम बेहद सावधानी से आगे बढ़ाया, क्योंकि जरा सी चूक नीचे फंसे लोगों और बचाव दल दोनों के लिए खतरा बन सकती थी।
काफी मशक्कत के बाद चारों लोगों को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर आते ही सबसे पहले उनकी हालत की जांच की गई। इनमें एक महिला और एक पुरुष की स्थिति गंभीर थी। दोनों को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। राहत की बात यह रही कि अन्य दो लोगों को गंभीर चोट नहीं आई।
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा अमित शर्मा के नेतृत्व में सिविल डिफेंस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवक आसिफ खान, साकिब, निक्की, अफजल, युवराज और लक्ष्मण सिंह सहित टीम के अन्य सदस्यों ने बचाव अभियान में योगदान दिया।
घटना की निगरानी जिला कलेक्टर एवं नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा ने की। वहीं एडीएम साउथ के मार्गदर्शन में राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ाया गया।