जयपुर

10 सेमी ट्यूमर और नस में थक्का, 30 मिनट का समय था,12 मिनट में बचाई किडनी, एड्रिनल ग्लैंड के जटिल कैंसर का ऑपरेशन, डॉक्टरों का दावा: भारत का पहला केस

जयपुर। राजधानी में डॉक्टरों ने एक ऐसे कैंसर का सफल ऑपरेशन किया है। जो इतना जटिल था कि थोड़ी सी भी चूक मरीज की जान ले सकती थी। डॉक्टरों के मुताबिक यह संभवतः भारत का पहला ऐसा केस है, जिसमें एड्रिनल ग्लैंड के कैंसर के साथ नसों में फैले ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से निकाला […]

2 min read
Jan 20, 2026

जयपुर। राजधानी में डॉक्टरों ने एक ऐसे कैंसर का सफल ऑपरेशन किया है। जो इतना जटिल था कि थोड़ी सी भी चूक मरीज की जान ले सकती थी। डॉक्टरों के मुताबिक यह संभवतः भारत का पहला ऐसा केस है, जिसमें एड्रिनल ग्लैंड के कैंसर के साथ नसों में फैले ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से निकाला गया।

डॉक्टरों ने बताया कि झुंझुनूं जिले की रहने वाली 39 साल की महिला पिछले काफी समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी। उनका ब्लड प्रेशर लगातार 240 से 250 तक बना रहता था। अत्यधिक ब्लड प्रेशर के कारण शरीर में खून की कमी हो गई थी और कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना जैसी दिक्कतें बढ़ती जा रही थी। जांच कराने पर डॉक्टरों को पता चला कि किडनी के ऊपर मौजूद एड्रिनल ग्लैंड में करीब 10 सेंटीमीटर का कैंसर ट्यूमर है।

ये भी पढ़ें

जेके लोन अस्पताल: रात 2 बजे महिला को देख बिगड़ी नर्सिंग कर्मचारी की नीयत, कर डाली गंदी हरकत, चल रही थी नाइट ड्यूटी

यह मामला इसलिए और खतरनाक था क्योंकि ट्यूमर से निकला थक्का (थ्रोम्बस) किडनी की नस से होते हुए सीधे शरीर की मुख्य नस आईवीसी तक पहुंच चुका था। अगर यह थक्का फेफड़ों या दिल तक पहुंच जाता, तो मरीज की तुरंत मौत हो सकती थी।

महिला मरीज ने पहले झुंझुनूं में इलाज कराया। इसके बाद आराम नहीं मिला तो जयपुर आई। जहां एसआरके ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स में एड्रिनल ग्लैंड के बेहद जटिल कैंसर को डायग्नोस किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी की। सबसे पहले फिजीशियन और हृदय रोग विशेषज्ञों ने ऑपरेशन से पहले मरीज के खतरनाक रूप से बढ़े ब्लड प्रेशर को काबू में किया। इसके बाद कार्डियक सर्जन, यूरोलॉजिस्ट और एनेस्थोलॉजिस्ट की संयुक्त टीम ने सर्जरी शुरू की।

ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किडनी की नस को ठीक करते हुए समय पर उसमें फिर से खून का प्रवाह शुरू किया जाए। डॉक्टरों के पास इसके लिए सिर्फ 30 मिनट का समय था, लेकिन पूरी टीम ने यह काम मात्र 12 मिनट में कर दिखाया। इससे न केवल मरीज की जान बची, बल्कि किडनी को भी सुरक्षित रखा जा सका। डॉक्टरों का कहना है कि दुनिया भर के मेडिकल रिकॉर्ड में इस तरह के केस का कोई स्पष्ट उदाहरण नहीं मिलता। मरीज अब पूरी तरह सुरक्षित है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

ये भी पढ़ें

राजस्थान से बड़ी खबर: 25 पैसे के इनामी बदमाश को मारी गोली, पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था हिस्ट्रीशीटर

Published on:
20 Jan 2026 09:01 pm
Also Read
View All

अगली खबर