जयपुर

बचपन को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ी पहल, मृत्यु दर होगी कम

- पांच दिवसीय प्रशिक्षण से मिलेगी नवजातों को संजीवनी

less than 1 minute read
Mar 19, 2025

कोटपूतली-बहरोड़. जिले में नवजात और बाल्यावस्था रोगों के एकीकृत प्रबंधन (आईएमएनसीआई) के तहत पांच दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण शुरू किया गया। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत, आरसीएचओ डॉ. अरविंद अग्रवाल, जिला नोडल अधिकारी रविकांत जांगिड़ और धारासिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने की यह पहल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है।
सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने बताया कि आईएमएनसीआई का उद्देश्य पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बीमारियों से बचाना, मृत्यु दर को कम करना और उनके समुचित विकास को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम बचपन को सुरक्षित बनाने की एक प्रभावी रणनीति के रूप में कार्य करेगा।

प्रशिक्षण में गंभीर बीमारियों पर विशेष फोकस
आरसीएचओ डॉ. अरविंद अग्रवाल ने बताया कि आईएमएनसीआई के तहत बच्चे की बीमारी का आकलन कर लक्षणों के आधार पर बीमारी का वर्गीकरण करते हुए प्रभावी उपचार की पहचान का पालकों को उचित परामर्श एवं अनुवर्ती देखभाल का प्रशिक्षण होगा।
डीएनओ रविकांत जांगिड़ ने बताया कि प्रशिक्षण में निमोनिया, नवजात समस्याएं, दस्त, मलेरिया, खसरा और कुपोषण जैसी बीमारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान गंभीर बीमारियों पर विशेष फोकस रहेगा।

तीन दिवसीय परिवार कल्याण प्रशिक्षण
इसी के साथ तीन दिवसीय जिला स्तरीय परिवार कल्याण प्रशिक्षण भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। डीएनओ रविकांत जांगिड़ ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों को परिवार कल्याण के विभिन्न साधनों की जानकारी दी गई जिससे वे सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ा सकें। इस प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग एफपीएलएमआईएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी।
जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए नर्सिंग अधिकारियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षकों के रूप में डॉ. विक्रम, डॉ. राम किशोर, डीएनओ रविकांत जांगिड़ और योगेश शर्मेंद्र कुमार को नियुक्त किया गया है।

Updated on:
19 Mar 2025 02:58 pm
Published on:
19 Mar 2025 02:57 pm
Also Read
View All

अगली खबर