जयपुर

स्वाभिमान की सूखी रोटी भी छप्पन भोग से श्रेष्ठ : साध्वी भव्यगुणा

Aug 16, 2026
Rajasthan

मुंबई. ठाकुरद्वार जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के चातुर्मास अंतर्गत आदेश्वर भवन में साध्वी भव्यगुणा ने कहा कि स्वाभिमान खोकर प्राप्त किया गया छप्पन भोग भी विष के समान है। स्वाभिमान धर्म का प्राण है और इसके बिना जीवन का वास्तविक उद्देश्य अधूरा रहता है। उन्होंने महाराणा प्रताप के संघर्ष का उदाहरण देते हुए सत्य, धर्म और राष्ट्र के सम्मान की रक्षा का आह्वान किया। साध्वी शीतलगुणा ने कहा कि स्वाभिमान अमृत है, जबकि अभिमान विष के समान है। देश, धर्म और समाज की रक्षा के लिए त्याग और समर्पण करना ही सच्चा स्वाभिमान है। उन्होंने युवाओं में संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। संघ अध्यक्ष हसमुख जैन ने बताया कि चातुर्मास के दौरान विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुलसा मंडल ने ‘मेरा भारत महान’ कार्यक्रम प्रस्तुत किया। रविवार को श्रुतज्ञान की देवी सरस्वती महापूजन होगा, जिसका मुख्य पिठिका लाभ शोभागदेवी तिकमचंद मेहता, खोडा-सांचोर ने लिया। ट्रस्टीगण ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Updated on:
16 Aug 2026 06:02 am
Published on:
16 Aug 2026 06:01 am