जयपुर

जरा सी बारिश से पानी में डूबने लगता है शहर

मानसून अलर्ट : अभी शुरू हुई है नालों की सफाई
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Jun 13, 2018
jaipur news
जरा सी बारिश से पानी में डूबने लगता है शहर

जयपुर. मानसून आने वाला है, ऐसे में राजधानी के जिन इलाकों में जरा सी बारिश से ही तालाब बन जाते हैं, वहां आज भी हालात वैसे के वैसे ही हैं। हर साल बारिश तेज होने पर जनता की शिकायतों पर मिट्टी के कट्टे लगाकर कोरी कार्रवाई कर दी जाती है। इन सड़कों का सालों से यही हाल है। नगर निगम ने तीन दिन पहले नालों की सफाई का अभियान शुरू किया है, लेकिन जलभराव वाली इन सड़कों पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। 25 जून तक नालों की सफाई होनी है, इस छोटी सी अवधि में इन सड़कों का सुधार होना मुश्किल लग रहा है।

टूटी सड़कें भी वजह

शहर में कई जगह सड़कों का कार्य प्रगति पर है वहीं कई सड़कें अब भी बदहाल हैं। पिछले माह हल्की बरसात में ही मानसरोवर के शिप्रा पथ पर 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया और छितराई बरसात ने ही सड़कों की पोल खोल दी।

यहां 2 से लेकर 4 फीट तक पानी

त्रिमूर्ति सर्किल: यहां हर साल जलभराव की समस्या। जरा सी बारिश में दो फीट पानी जमा होना आम बात है जिसके चलते ट्रैफिक जाम लग जाता है।

सुभाष चौक: हर साल बारिश के दौरान यहां आसपास के नालों से पानी आता है, तीन-तीन फीट पानी जमा हो जाता है और वाहन चालक फंस जाते हैं।

टोंक फाटक: दो से लेकर तीन फीट पानी जमा हो जाता है। जनता रहती है परेशान

इमली फाटक अंडरपास: जरा सी बारिश से यहां पानी भर जाता है जिसके चलते लोग घरों से बहार नहीं निकल पाते हैं।

यहां घरों-दुकानों में पानी भर जाता

जवाहर नगर: निचले इलाकों में हालात इतने खराब हो जाते हैं की घरों में पानी भर जाता है।

ब्रह्मपुरी: जरा सी बारिश में सड़कों पर भरा पानी घरों में घुस जाता है।

संत टेऊंराम मार्ग: जलभराव की समस्या रहती है। पिछले साल शुरुआती बारिश में ही दुकानों में दो-दो फीट पानी भर आया था।

नगर निगम के मुख्य अभियंता सुभाष गुप्ता ने कहा की ठेकेदारों की हड़ताल खत्म हो चुकी है, तीन दिन पहले ही शहर में नालों की सफाई का कार्य शुरू किया गया है। जोकि 25 जून तक चलेगा। इसमें शहर के सभी मुख्य नालों और जलभराव क्षेत्रों की सफाई की जाएगी।

Published on:
13 Jun 2018 10:33 am