जयपुर

राजस्थान में जैविक क्रांति का नया अध्याय: कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बामनवास कंकर बनी उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्ण जैविक पंचायत

यह पंचायत अब रासायनिक-मुक्त खेती और पशुपालन की मिसाल बन गई। 1500 हेक्टेयर भूमि और 6000 पशुओं को COFED-NPOP प्रमाणन मिला
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Jan 16, 2026
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जयपुर. राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में स्थित बामनवास कंकर ग्राम पंचायत राज्य की पहली ऐसी पंचायत बन गई है, जिसे पूरी तरह जैविक (ऑर्गेनिक) प्रमाणित किया गया है। यह उत्तर-पश्चिम भारत की भी पहली पूर्ण जैविक-प्रमाणित ग्राम निकाय है। पंचायत में सात बस्तियां शामिल हैं बामनवास कंकर, नांगलहेडी, राह का माला, भादाना की भाल, टोलावास, खरिया की ढाणी और बैरावास। यहां की लगभग 1500 हेक्टेयर कृषि भूमि और 6000 से अधिक पशुओं को COFED (कोफार्मिन फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक सोसाइटीज़ एंड प्रोड्यूसर कंपनीज़) और NPOP (नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन) मानकों के तहत प्रमाणित किया गया है।

प्राकृतिक खाद, कम्पोस्ट, जैविक कीट नियंत्रण विधियों को अपना रहे

किसानों ने रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और सिंथेटिक इनपुट का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बजाय प्राकृतिक खाद, कम्पोस्ट, फसल चक्र और जैविक कीट नियंत्रण विधियों को अपनाया जा रहा है। पशुपालन में भी प्राकृतिक तरीके अपनाए गए हैं।

पानी की कमी और रासायनिक खेती से जुड़ी बीमारियों को देखते हुए उठाया कदम

इसी माह गांव में विशेष संकल्प समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 800 से अधिक किसानों ने रासायनिक खेती और पशुपालन के खिलाफ शपथ ली। COFED के संस्थापक जितेंद्र सेवावत ने बताया कि यह एक जन आंदोलन है। उन्होंने कहा, "समुदाय जब खुद जिम्मेदारी लेता है, तो शुष्क इलाकों में भी टिकाऊ खेती संभव हो जाती है।"यह बदलाव मिट्टी की उर्वरता सुधारने, भूजल स्तर बढ़ाने, स्वास्थ्य जोखिम कम करने और किसानों की लागत घटाने में मदद कर रहा है। गांववासियों ने मिट्टी के क्षरण, पानी की कमी और रासायनिक खेती से जुड़ी बीमारियों को देखते हुए यह कदम उठाया।

300 ग्राम पंचायतों को पूरी तरह जैविक बनाना लक्ष्य

संस्था ने तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, प्रमाणन और बाजार उपलब्धता में सहायता प्रदान की। यह पहल भारत सरकार की परंपरागत कृषि विकास योजना और जैविक खेती नीतियों से जुड़ी है। संस्था का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक राजस्थान के बीकानेर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और भीलवाड़ा जिलों की 300 ग्राम पंचायतों को पूरी तरह जैविक बनाया जाए।यह उपलब्धि राजस्थान जैसे शुष्क राज्य में सतत कृषि की संभावनाओं को दिखाती है और देशभर के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है।

Updated on:
16 Jan 2026 03:14 pm
Published on:
16 Jan 2026 03:13 pm