विदेश से एमबीबीएस करने वाले राजस्थान के 966 मेडिकल विद्यार्थियों को राज्य में इंटर्नशिप के लिए सीट आवंटित नहीं हो पाई है इंटर्नशिप कार्यक्रम में 1365 छात्र शामिल हुए थे, लेकिन 399 सीटें ही उपलब्ध थीं।
जयपुर@ पत्रिका। विदेश से एमबीबीएस करने वाले राजस्थान के 966 मेडिकल विद्यार्थियों को राज्य में इंटर्नशिप के लिए सीट आवंटित नहीं हो पाई है इंटर्नशिप कार्यक्रम में 1365 छात्र शामिल हुए थे, लेकिन 399 सीटें ही उपलब्ध थीं।
राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन (एनएमसी ) के प्रावधान इसमें आड़े आ रहे है। इसके अनुसार 7.5 प्रतिशत से अधिक सीटें आवंटित नहीं की जा सकती। यह परीक्षा वर्ष में दो बार स्क्रीनिंग के तौर पर आयोजित की जाती है। इसमें सीट नहीं पाने वाले वे छात्र भी हैं, जिन्होंने इंटर्नशिप का पहला वर्ष पूरा करने के बाद दूसरे वर्ष के लिए आवेदन किया था।
इस परीक्षा के बाद छात्र अपने उत्तीर्ण अंक बढ़ने के लिए दूसरी बार शामिल नहीं हो सकता। इसे अंतिम स्नातक स्कोर के रूप में गिना जाता है।
काउंसिल ने मांगी अतिरिक्त सीटों की अनुमति : राजस्थान मेडिकल काउंसिल ने एनएमसी और राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर इससे अवगत कराया है। काउंसिल ने राज्य में राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) की और से संचालित राजकीय मेडिकल कॉलेज चित्तौड़गढ़, सिरोही, धौलपुर, श्रीगंगानगर और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अलवर में 7.5 प्रतिशत के अतिरिक्त सीटें की अनुमति चाही है।
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अन्य राज्यों ने भी जगह नहीं
स्टूडेंट्स का कहना है कि कई अन्य राज्य विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए इंटर्नशिप आयोजित करते है लेकिन वहां सभी को शामिल होने की अनुमति नहीं मिलती। इसमें राजस्थान सहित अन्य राज्यों के छात्रों को काउंसलिंग प्रकिया में शामिल होने के अवसर नहीं दिया जाता।
अभी सीटें आवंटित कर दी गई है। जो स्टूडेंट शेष रहे हैं, उनके लिए अब एनएमसी और चिकित्सा शिक्षा विभाग को अवगत कराया है।
डॉ. मनीष शर्मा, रजिस्ट्रार, राजस्थान मेडिकल काउंसिल