20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CM भजनलाल के 18 समझौतों से पचपदरा रिफाइनरी में लगेंगे नए उद्योग, फार्मा-ऑटो सेक्टर में निवेश से खुलेगा नौकरियों का पिटारा

Pachpadra Refinery: राजस्थान में पचपदरा रिफाइनरी अब सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल औद्योगिक क्रांति की नींव बनेगी। राजस्थान पेट्रो जोन को गति देने के लिए 18 त्रिपक्षीय एमओयू किए गए हैं, जिससे प्लास्टिक, फार्मा और ऑटो सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Apr 20, 2026

Pachpadra Refinery to Drive Petrochemical Growth Beyond Fuel CM Bhajanlal Sharma Signs 18 Key MoU

बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद (फोटो-पत्रिका)

Rajasthan Petro Zone: जयपुर: सीएम भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान पेट्रो जोन (आरपीजेड) में डाउनस्ट्रीम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 18 त्रिपक्षीय समझौते (एमओयू) किए गए। ये समझौते हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड रिफाइनरी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बीच हुए।

बता दें कि इस पहल से पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों को सीधे कच्चा माल उपलब्ध होगा और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी 21 अप्रेल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जो प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।

रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं, बढ़ेगा दायरा

उन्होंने बताया कि यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल आधारित औद्योगिक क्रांति का आधार बनेगी। रिफाइनरी से निकलने वाले डाउनस्ट्रीम उत्पादों के आधार पर सहायक उद्योग स्थापित होंगे, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, राज्यमंत्री के.के. विश्नोई, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।

राजस्थान पेट्रो जोन 1022 हेक्टेयर में विकसित

राजस्थान पेट्रो जोन को बालोतरा के बोरावास-कलावा क्षेत्र में लगभग 1022 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में 86 में से 45 औद्योगिक भू-खंड आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 8 प्लग एंड प्ले फैक्ट्री शेड भी तैयार किए गए हैं, ताकि निवेशक तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें। दूसरे चरण में 213 हेक्टेयर में 257 भू-खंड विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तीसरे चरण में लगभग 780 हेक्टेयर भूमि पर विस्तार प्रस्तावित है। इसके लिए रामनगर (थोब), सिंधियों की ढाणी, वेदरलाई और बोरावास विस्तार सहित कई क्षेत्रों में भूमि आवंटित की गई है। साथ ही जेरला में भी नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

ये उद्योग होंगे स्थापित

रिफाइनरी से निकलने वाले पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन, बेंजीन, टोलुइन और ब्यूटाडाइन जैसे उत्पादों के आधार पर प्लास्टिक, फार्मा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित होंगे। इससे प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग सामग्री, ऑटो पार्ट्स, सिंथेटिक फाइबर और चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन बढ़ेगा।