हाल ही में कांस्टेबल शैतानराम को गिरफ्तारी के लिए पुलिस हैदराबाद में मजदूर बनकर वैल्डिंग करना बताया, जबकि आरोपी का कहना है कि वह जिंदगी में हैदराबाद नहीं गया।
मुकेश शर्मा
राजस्थान पुलिस की वांटेड अपराधियों को पकड़ने की कहानी सुनने में दिलचस्प लगती है…लेकिन गिरफ्तार वांटेड पुलिस की कहानी के विपरित ही कुछ कह रहे हैं और पुलिस की फिल्मी स्टाइल में पकड़ने की कहानी को जैसे चुनौती दे रहे हैं। बहूचर्चित उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला सुर्खियों में है और पेपर लीक प्रकरण में पकड़े गए कई आरोपियों की पुलिस ने ‘रील’ बनाई, लेकिन वह अब पुलिस के लिए ’रेल’ बन गई। हाल ही में कांस्टेबल शैतानराम को गिरफ्तारी के लिए पुलिस हैदराबाद में मजदूर बनकर वैल्डिंग करना बताया, जबकि आरोपी का कहना है कि वह जिंदगी में हैदराबाद नहीं गया।
मुझे और सुनील को पुलिस ने करीब 20 किलोमीटर दूर एक थड़ी से पकड़ा और हैदराबाद पुलिस की गाड़ी में बैठाकर एक चौकी पर ले गई। वहां से पुलिस टीम दिनेश के फ्लैट पर ले गई और फिर कमरे में बैठा दिया। फिर सिलेंडर लिया और वीडियों बनाकर पकड़ना दिखाया।
पेपर लीक मामले में वांटेड ओमप्रकाश ढाका व सुनील बेनीवाल को जुलाई में हैदराबाद से गिरफ्तार किया। आरोपियों को हैदराबाद के एक फ्लैट से पुलिसकर्मीयों ने सिलेंडर देने के बहाने कमरे का गेट खुलवाया और दोनों को पकड़ना बताया।