जयपुर

Rajasthan: एसीजे संजीव शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, आरोपों का किया खंडन, बोले- जल्द मीडिया के सामने आऊंगा

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद, झूठा और तथ्यहीन बताया है। एसीजे शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष सीजेआई सूर्यकांत के समक्ष प्रमाणों के साथ रख दिया है। जल्द ही मीडिया के सामने आकर पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।
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Sep 02, 2026
Rajasthan High Court
Jaipur: एसीजे संजीव प्रकाश शर्मा (बाएं) व जस्टिस संदीप मेहता (दाएं)। (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने बुधवार को चुप्पी तोड़ दी। उन्होंने अपने पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि अपना पक्ष देश के सर्वोच्च न्यायाधीश सूर्यकांत के सामने रख दिया है, सीजेआइ का निर्णय आने पर उनकी स्वीकृति लेकर जल्द ही मीडिया के सामने आकर वे स्वयं अपना पक्ष रखेंगे।

उन्होंने न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से सीजेआइ सूर्यकांत को लिखे गए तीन गोपनीय पत्रों के 26 अगस्त को मीडिया व सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने व उनमें लगाए गए आरोपों को लेकर बुधवार को लिखित में अपना पक्ष जारी किया। इसमें उन्होंने कहा है कि जो आरोप लग रहे हैं उनको लेकर मैंने अपना पक्ष सीजेआइ सूर्यकांत को भेज दिया है, जिसमें स्पष्ट किया है कि न्यायाधीश मेहता की ओर से लिखे गए पत्रों में लगाए गए आरोप निराधार, झूठे व तथ्यहीन हैं। सीजेआइ को भेजे अपने पक्ष में इन आरोपों का प्रमाण सहित खंडन किया है।

एसीजे ने की धैर्य रखने की अपील

न्यायाधीश शर्मा ने न्यायाधीश मेहता के पत्रों से संबंधित पूरे घटनाक्रम को मीडिया, वकील व अन्य सभी से अपील की है कि न्याय के सिद्धांत का मान रखते हुए सीजेआइ के निर्णय तक धैर्य रखें। उन्होंने कहा है, मैं भारतीय न्याय प्रणाली पर पूर्ण विश्वास रखता हूं एवं जल्द ही सही समय आने पर सीजेआइ की स्वीकृति मिलने पर स्वयं मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखूंगा, तब तक धैर्य बनाए रखें।

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ऐसे चला घटनाक्रम :

2 अगस्त, 10 अगस्त व 17 अगस्त- सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने सीजेआइ को तीन अलग-अलग गोपनीय पत्र लिखे। इनमें राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर आरोप लगाए।

26 अगस्त - न्यायाधीश मेहता की ओर से लिखे गए पत्रों की जानकारी मीडिया तक पहुंची।

26 अगस्त को रात में सीजेआइ सूर्यकांत की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें पत्र मिलने की स्वीकारोक्ति हुई। साथ ही कहा कि मौजूदा न्यायाधीश पर लगाए गए आरोपों को लेकर जांच की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है।

27 अगस्त- हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित दोनों बार एसोसिएशन व जयपुर स्थित बार एसोसिएशन ने संयुक्त बैठक बुलाई।

30 अगस्त- तीनों बार एसोसिएशनों ने फिर संयुक्त बैठक बुलाई, जिसमें भी कोई निर्णय नहीं।

31 अगस्त - हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित दोनों बार एसोसिएशनों ने 6 सितम्बर तक न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के कोर्ट रूम के बाहर वकीलों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसी दिन शाम को न्यायाधीश शर्मा ने 5 सितम्बर तक सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय के अग्रवाल का राजस्थान हाईकोर्ट तबादला कर दिया और उन्हें यहां मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश भी भेज दी।

1 सितम्बर- हाईकोर्ट के राेस्टर में बदलाव, जिसमें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शर्मा के 7 सितम्बर से जोधपुर में सुनवाई करने का उल्लेख किया।

2 सितम्बर- न्यायाधीश शर्मा ने मीडिया को लिखित अपना पक्ष भेजकर धैर्य बनाए रखने की अपील की।

Updated on:
02 Sept 2026 10:58 pm
Published on:
02 Sept 2026 10:58 pm