तम्बाकू उत्पाद बेचने पर एक दर्जन डेयरी बूथों पर की कार्रवाई,बूथ निरस्त चिकित्सा विभाग की तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई,प्रदेश के हर जिले में चला अभियान
चिकित्सा विभाग की ओर से तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स की ओर हर जिले को स्मोक फ्री बनाने की कार्य योजना को लेकर यह कार्रवाई की जा रही हैं। इसके लिए सरस डेयरी बूथ, शिक्षण संस्थाओं के 100 के गज के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर रख चिकित्सा विभाग की टीम कार्रवाई कर रही हैं।
सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO की टीम हर शहर में नजर बनाए हुए हैं। प्रदेश में गत दिनों में करीब एक दर्जन डेयरी बूथों पर कार्रवाई की जा चुकी हैं। सभी सीएमएचओ की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में विभाग की टीमों ने अलग अलग जगह कार्रवाई की। जिसमें करीब एक दर्जन डेयरी बूथों को तंबाकू उत्पाद बेचने का दोषी पाया गया।
उन पर कोटपा एक्ट के अंतर्गत 200 जुर्माना किया गया और उनके बुथ के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगर निकायों की बूथ अलॉटमेंट की शर्तों में अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए स्पष्ट प्रावधान है कि आवंटित बूथ पर यदि प्रतिबंधित पदार्थों या धूम्रपान या तंबाकू उत्पादों का प्रदर्शन या बिक्री करने पर आवंटन निरस्त किया जा सकता है।
उप मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सीकर डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि सीकर जिले में सबसे पहले और सबसे ज्यादा बूथ निरस्त करने की कार्रवाई की गई। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि संभवतः राजस्थान की पहली बार एक साथ छह बूथों पर तंबाकू उत्पाद बेचने पर कार्रवाई की गई है।