जयपुर

जिलास्तरीय छुट्टियों पर उठे सवालों के बीच प्रशासन कर रहा नई व्यवस्था पर विचार, नियम तोडऩे वाले 10 स्कूल-कॉलेजों ने मांगी माफी

Jul 27, 2026
Rajasthan

Bमेंगलूरु (दक्षिण कन्नड). Bदक्षिण कन्नड़ में लगातार घोषित की जा रही वर्षा अवकाश को लेकर उठ रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन अब नई व्यवस्था लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। प्रस्ताव है कि भविष्य में पूरे जिले के बजाय केवल उन तालुकों में ही अवकाश घोषित किया जाए, जहां भारी वर्षा या आपदा जैसी स्थिति होगी। इसके लिए तहसीलदार, क्षेत्र शिक्षा अधिकारी (बीइओ) तथा अन्य स्थानीय अधिकारियों की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। इस वर्ष दक्षिण कन्नड़ उन जिलों में शामिल रहा, जहां सबसे अधिक वर्षा अवकाश घोषित किए गए। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) की कई मौसम चेतावनियां वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा सकीं। कई तालुकों में सामान्य वर्षा होने के बावजूद पूरे जिले में अवकाश घोषित करने से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। शिक्षण संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है।
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Bबच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताB

जिलाधिकारी दर्शन एच.वी. ने कहा कि आइएमडी की चेतावनी मिलने पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। शिक्षा जितनी महत्वपूर्ण है, विद्यार्थियों का जीवन भी उतना ही मूल्यवान है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में तालुकावार वर्षा अवकाश की व्यवस्था लागू करने की दिशा में प्रशासन काम कर रहा है।


नोटिस के बाद स्कूलों ने मांगी माफी

वर्षा अवकाश घोषित होने के बावजूद कक्षाएं संचालित करने वाले 10 स्कूलों और कॉलेजों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया था। संबंधित संस्थानों ने लिखित रूप से क्षमायाचना करते हुए भविष्य में सरकारी निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया है। पिछले तीन दिनों के दौरान भी कुछ स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी (पीयू) कॉलेजों में कक्षाएं चलने की शिकायतें मिलने पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई स्थानों पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कक्षाएं बंद भी कराईं। शिक्षण संस्थानों का कहना है कि दक्षिण कन्नड़ राज्य का प्रमुख शिक्षा केंद्र है, जहां कर्नाटक के अलावा अन्य राज्यों और जिलों से भी हजारों विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। बार-बार वर्षा अवकाश घोषित होने से पाठ्यक्रम प्रभावित हो रहा है, परीक्षाओं का कार्यक्रम बिगड़ रहा है और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

Updated on:
27 Jul 2026 06:01 am
Published on:
27 Jul 2026 06:01 am