जयपुर

Ajmer News: बारिश में ना रहे कोई भी स्कूल जर्जर, सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प

Government School: बारिश से पहले स्कूल भवनों की मरम्मत पर फोकस, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता। अजमेर के सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, एक करोड़ से बनेंगे नए कक्षा-कक्ष।

2 min read
May 08, 2026
Photo Patrika

School Development: अजमेर. जिले के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए कक्षा-कक्षों के निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि बारिश के मौसम से पहले किसी भी विद्यालय में जर्जर भवन या कक्ष नहीं रहने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें

Smart City: अजमेर भी कहलाएगा “झीलों की नगरी”, तीसरी बड़ी झील चौरसियावास के विकास का रोड मैप तैयार

44.82 लाख रुपए की लागत से बनने वाले तीन नए कक्षा-कक्षों का शिलान्यास

विधानसभा अध्यक्ष ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय रामनगर में 44.82 लाख रुपए की लागत से बनने वाले तीन नए कक्षा-कक्षों का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने की पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम को उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक विद्यार्थी 60 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त करें।

उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ देश, समाज और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी का भी बोध कराया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी रोटेशन के आधार पर शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

देवनानी ने विद्यालयों में संस्कारयुक्त वातावरण बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थी आपस में भाई-बहन कहकर संबोधित करें, जिससे सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने, समय पर विद्यालय आने और शिक्षकों का सम्मान करने की सीख दी। वहीं अभिभावकों से बच्चों के अध्ययन और गृहकार्य की नियमित निगरानी करने का आग्रह किया।

हर विद्यार्थी वर्ष में कम से कम एक अतिरिक्त पुस्तक अवश्य पढ़े

उन्होंने विद्यालयों में पुस्तकालय निर्माण और अतिरिक्त पुस्तकों की उपलब्धता पर भी जोर दिया। विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवनी, विज्ञान और अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हर विद्यार्थी वर्ष में कम से कम एक अतिरिक्त पुस्तक अवश्य पढ़े।

अतिरिक्त समय देकर पढ़ाने और अभिभावकों से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बोराज में भी 44.82 लाख रुपए की लागत से बनने वाले तीन नए कक्षा-कक्षों का शुभारम्भ किया। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए बड़े लक्ष्य तय करने, अतिरिक्त समय देकर पढ़ाने और अभिभावकों से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।

ये भी पढ़ें

Good News: गांव की महिलाओं की बदलेगी तकदीर ! अब राजस्थान में बनेंगी ‘मिलिनेयर दीदी’
Published on:
08 May 2026 11:35 am
Also Read
View All