
राजस्थान पुलिस ने आम नागरिकों को एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। साइबर ठग अब फोन कॉल के जरिए लोगों को डरा-धमकाकर बैंकिंग डिटेल्स निकालने की कोशिश कर रहे हैं। वे या तो बैंकिंग सेवाएं बंद होने की बात कहते हैं या खुद को मुंबई पुलिस बताकर केस दर्ज होने का डर दिखाते हैं। पुलिस का साफ संदेश है- ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं, कोई भी व्यक्तिगत या बैंकिंग डिटेल शेयर न करें और तुरंत रिपोर्ट करें।
राजस्थान पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी अलर्ट में बताया गया है कि ठग अज्ञात नंबर से कॉल करके कहते हैं-आपकी बैंकिंग सर्विसेज बंद कर दी जाएंगी, आपके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किसी अपराध में हुआ है या मुंबई पुलिस से बोल रहे हैं, आपके खिलाफ केस है। इन झूठे दावों से लोग घबरा जाते हैं और अपनी खाता संख्या, ओटीपी, पिन या पासवर्ड बता देते हैं। इसके बाद ठग पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं या अकाउंट खाली कर देते हैं। पुलिस ने साफ चेतावनी दी गई है कि ठगों द्वारा डराए जाने पर घबराएं नहीं और कोई भी डिटेल शेयर न करें।
किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। व्हाट्सएप नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी रिपोर्ट की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि गोल्डन आवर में शिकायत करने से ठगी की रकम फ्रीज कराने में मदद मिलती है। बैंक को भी तुरंत अलर्ट करें और यूटीआर नंबर बताएं।
राजस्थान में डिजिटल अरेस्ट और पुलिस/अधिकारी बनकर ठगी के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। ठग खुद को सीबीआई, ट्राई, पुलिस या कोर्ट अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर फर्जी वारंट और नोटिस दिखाते हैं। जयपुर में एक रिटायर्ड अधिकारी से ट्राई अधिकारी बनकर करीब एक करोड़ रुपये ठगे गए। कई मामलों में पीड़ितों को कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर करोड़ों रुपए ट्रांसफर करवाए गए। हालिया मामलों में जयपुर और अन्य जिलों से फर्जी कॉल सेंटर भी पकड़े गए हैं, जहां से गेमिंग, निवेश या बॉस स्कैम के नाम पर ठगी हो रही थी। पुलिस की साइबर शाखा लगातार ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
बैंक या पुलिस कभी फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगती। असली बैंक कॉल आमतौर पर 1600 प्रीफिक्स से आती हैं। संदेह होने पर कॉल काट दें और आधिकारिक नंबर पर खुद संपर्क करें। निष्क्रिय बैंक खाते बंद करवा लें, क्योंकि ठग उन्हें म्यूल अकाउंट बना लेते हैं। सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। राजस्थान पुलिस की अपील है- डरें नहीं, रिपोर्ट करें और ठगों को सफल न होने दें। इस अलर्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि लोग जागरूक रहें और साइबर ठगों के जाल में न फंसें।