www.patrika.com/rajasthan-news/
जयपुर ।
सोमवार को प्रदेश में हुए एमओयू कार्यक्रम में राजस्थान को डिजिटल लर्निंग में अव्वल दर्जा मिला। राजस्थान पहला ऎसा प्रदेश होगा जहां माइक्रोसॉफ्ट कंपनी छात्रों की डिजिटल लर्निंग के लिए ऎसा नवाचार रही है । ऐसे में डिजिटल लर्निंग देने में राजस्थान का देश में पहला नंबर होगा ।
डिजिटल शिक्षा में सुधार लाना है मकसद
प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और मुख्यमंत्री के डिजिटल राजस्थान की कोशिश को और अधिक मजबूती देते हुए माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने देश में पहली बार किसी राज्य के साथ एक खास एमओयू करते हुए साढ़े नौ हजार छात्र-छात्राओं को डिजिटल लिट्रेसी का प्रशिक्षण देने का बीड़ा उठाया है । इस कार्यक्रम का मकसद राजकीय कॉलेजों में शिक्षा में तकनीकी शिक्षा विकास में सहायता करना, केपेसिटी बिल्डिंग करना, डिजिटल साक्षरता बढ़ाना और राजस्थान में डिजिटल शिक्षा के स्तर मेंं सुधार लाना है ।
आज का युग है तकनीकी युग : किरण माहेश्वरी
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि आज का युग तकनीक और स्पीड का है, जो कोई भी अपडेटेड नहीं रहेगा वह आउटडेटेड हो जाएगा। यही वजह है कि उच्च शिक्षा में नवाचार करते हुए सरकार ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के साथ ऎसा एमओयू किया है, जो प्रदेश की कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निशुल्क तौर पर डिजिटल प्रशिक्षण देगा ।
गौरतलब है कि देश में राजस्थान पहला ऎसा प्रदेश होगा जहां माइक्रोसॉफ्ट कंपनी छात्रों की डिजिटल लर्निंग के लिए ऎसा नवाचार रही है । उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग हमेशा नवाचारों के लिए जाना जाता है। विभाग ने कुछ महीनों पहले इग्नू (इंदिरा गांधी खुला विश्वविद्यालय) के साथ एमओयू करते हुए कौशल विकास के करीब दो दर्जन कोर्स शुरू करवाए, जिसमें 16 हजार 500 छात्र पंजीकृत हैं ।