जयपुर

एनीमिया: राज्य में 59.4% किशोरियों में कम होता कतरा-कतरा

राज्य में बाल विवाह की स्थिति में पांच वर्ष के दौरान सुधार हुआ है मगर किशोरियों की सेहत गड़बड़ा गई है। प्रदेश में 15 से 19 वर्ष की 59.4 प्रतिशत लड़कियों में खून की कमी (एनीमिया) है।
less than 1 minute read
Oct 11, 2022
girls1.jpg

राज्य में बाल विवाह की स्थिति में पांच वर्ष के दौरान सुधार हुआ है मगर किशोरियों की सेहत गड़बड़ा गई है। प्रदेश में 15 से 19 वर्ष की 59.4 प्रतिशत लड़कियों में खून की कमी (एनीमिया) है। इतना ही नहीं, पांच वर्ष में इनकी संख्या में दस फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक स्थिति है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार राज्य में शहरी क्षेत्र की 56.6 फीसदी व ग्रामीण क्षेत्र की 60.1 फीसदी किशोरियां एनीमिया से पीड़ित हैं। जबकि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (2015-16) में इनकी संख्या 49.1 फीसदी थी।

राहत: बाल विवाह के आंकड़ों में सुधार

एनएफएचएस-5 के अनुसार राज्य में 20-24 साल की महिलाओं में से 25.4 फीसदी का बाल विवाह हुआ। इनकी शादी तय उम्र से पहले हुई। जबकि एनएफएचएस-4 के समय ऐसी महिलाओं की संख्या 35.4 फीसदी थी। पांच वर्ष में ही यह आंकड़ा दस फीसदी तक गिर गया है।

खतरा: जयपुर में हर दूसरी किशोरी शिकार

राजधानी जयपुर में भी हर दूसरी किशोरी में खून की कमी है। सर्वे के अनुसार जयपुर में 53.6% किशोरियों को एनीमिया है। जबकि साल 2015-16 में केवल 29.8% यानी हर तीसरी किशोरी एनीमिक थी। अब एनीमिया पीड़ित किशोरियों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।

विशेषज्ञों के अनुसार एनीमिया से बचने के लिए पर्याप्त कैलोरी में आयरन युक्त भोजन जरूरी है। हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले अनार सहित अन्य मौसमी फलों के जूस के साथ खान-पान की निरंतरता जरूरी है। समय-समय पर हीमोग्लोबिन जांच करानी चाहिए।







Published on:
11 Oct 2022 11:43 pm