
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की भजनलाल सरकार पर आरोप लगाया कि सभी पशुओं का बीमा नहीं होने से पशुपालकों को काफी परेशानी होती है। भाजपा सरकार द्वारा योजनाएं बंद होने से पशुपालकों को भी परेशानी हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हमारी सरकार ने पशुपालकों के 2-2 पशुधन जैसे गाय-भैंस का बीमा करने के लिए कामधेनु पशु बीमा योजना शुरू की थी जिसमें 40,000 रु प्रति पशु का बीमा निशुल्क करवाया जाना था। इस योजना में सरकार ने 20 लाख पशुओं का लक्ष्य रखा था परन्तु यह योजना इतनी आकर्षक थी कि 80 लाख के करीब पशुओं के बीमा का पंजीकरण करवा दिया था।
हमारी सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए सभी पंजीकृत पशुओं को योजना के अंतर्गत कवर किया और सर्वे का काम शुरू किया। हालांकि आचार संहिता के कारण ये काम रुक गया और नई सरकार ने योजना को बंद कर दिया।
अब भाजपा सरकार द्वारा लाई गई मंगला पशु बीमा योजना में पशुपालक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। साथ ही, लॉटरी द्वारा चयन करने की प्रक्रिया भी अव्यवहारिक है। राज्य सरकार को इस योजना को सरल कर व्यवहारिक बनाना चाहिए जिससे पशुपालकों को लाभ मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान पत्रिका में 11 फरवरी के अंक में नागौर पत्रिका की खबर को पोस्ट किया है। खबर में बताया गया है कि पशु बीमा योजना मजाक बनकर रह गई है। पहले पंजीकरण किया जा रहा है। इसके बाद लॉटरी से बीमा होगा। कई बार बीमा की तारीखें बढाए जाने के बाद भी पशुपालकों की दिलचस्पी नहीं दिख रही है।