
जयपुर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य अंजना पवार शुक्रवार को स्वायत्त शासन विभाग में बैठक लिए बिना ही लौट आई। विभाग के निदेशक मौजूद नहीं होने से पवार नाराज हो गई और कार्यालय के गेट से वापिस रवाना हो गई। अफसरों ने पवार को बताया कि निदेशक दीपक नंदी जोधपुर हाईकोर्ट में एक अवमानना के केस में गए हैं, लेकिन वे नहीं मानी। उन्होंने अफसरों को दो टूक कह दिया कि क्या उन्हें मेरे कार्यक्रम का पता नहीं था। वे पिछले दिनों से जयपुर में ही थीं तो पहले नहीं बता सकते थे। उनकी मौजूदगी में ही विभिन्न मुद्दों पर बेहतर चर्चा हो सकती थी।
इस पर अतिरिक्त निदेशक संजीव पाण्डेय ने कहा कि न्यायालय की अवमानना का मामला था इसलिए हाईकोर्ट में उपस्थिति होना जरूरी था। इस बीच अंजना पवार के साथ आए लोग भी कहते रहे कि उन्हें वापिस लौट जाना चाहिए। इसके बाद वे बैठक लिए बिना ही लौट गईं। इससे पहले अतिरिक्त निदेशक ने गेट पर ही फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। इसके बाद ही पवार ने निदेशक के लिए पूछा।
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-हाईकोर्ट में बेहद जरूरी केस होने के कारण निदेशक का जोधपुर जाना जरूरी था। आयोग सदस्य को इसकी जानकारी दी थी। शायद वे निदेशक की मौजूदगी में ही बैठक करना चाह रही होंगी।
-संजीव पाण्डेय, अतिरिक्त निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग