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राजस्थान विधानसभा: अमृत महोत्सव में सजेगी लोकतंत्र की तस्वीर, एक मंच पर दिखेगा 75 वर्षों का सफर

Platinum Jubilee: राजस्थान विधानसभा अपने 75 वर्ष पूरे होने पर सिर्फ जश्न नहीं मनाएगी, बल्कि सात दशक से अधिक की विधायी यात्रा का आत्ममंथन भी करेगी। आगामी 15 जुलाई से शुरू होने वाले प्लेटिनम जुबली अमृत महोत्सव समारोह में राजस्थान के लोकतांत्रिक विकास, ऐतिहासिक कानूनों, संसदीय परंपराओं और डिजिटल विधानसभा के भविष्य पर मंथन होगा।
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rajasthan vidhan sabha monsoon session day 2

राजस्थान विधानसभा में सदन की कार्यवाही, (पत्रिका फाइल फोटो)

Platinum Jubilee: राजस्थान विधानसभा अपने 75 वर्ष पूरे होने पर सिर्फ जश्न नहीं मनाएगी, बल्कि सात दशक से अधिक की विधायी यात्रा का आत्ममंथन भी करेगी। आगामी 15 जुलाई से शुरू होने वाले प्लेटिनम जुबली अमृत महोत्सव समारोह में राजस्थान के लोकतांत्रिक विकास, ऐतिहासिक कानूनों, संसदीय परंपराओं और डिजिटल विधानसभा के भविष्य पर मंथन होगा।

समारोह की सबसे बड़ी खास बात यह है कि पहली विधानसभा से लेकर वर्तमान 16वीं विधानसभा तक के पूर्व और वर्तमान विधायक सत्तापक्ष और विपक्ष की भूमिका की बजाय एक साथ एक मंच पर नजर आएंगे। उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे, जबकि समापन समारोह में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल होंगे।

विधायी उत्कृष्टता की एक प्रेरणादायक विरासत

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अमृत महोत्सव राजस्थान विधानसभा के 75 वर्षों के पूरा होने का प्रतीक है और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षक और लोगों की आवाज के रूप में इसकी स्थायी भूमिका का जश्न मनाता है। उन्होंने विधानसभा की यात्रा को जनसेवा, संवैधानिक शासन और विधायी उत्कृष्टता की एक प्रेरणादायक विरासत बताया।

देवनानी ने कहा कि पिछले सात दशकों में, हर विधानसभा के सदस्यों ने राजस्थान के विकास, सामाजिक सद्भाव और संस्थागत सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महत्वपूर्ण कानूनों और ऐतिहासिक फैसलों के जरिए विधानसभा ने राज्य की सामाजिक,आर्थिक और प्रशासनिक प्रगति के लिए एक मजबूत नींव रखी है। अमृत महोत्सव न केवल लोकतांत्रिक परंपराओं और विधायी उपलब्धियों का जश्न है, बल्कि विधानसभा की समृद्ध विरासत को भविष्य की आकांक्षाओं से जोड़ने का एक अवसर भी है।

वर्ष पर्यंत चलेगा समारोह

साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन कार्यक्रम 15 जुलाई को राजस्थान विधानसभा में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य लोकतंत्र के विकास, संसदीय परंपराओं, सदन की गरिमा, विधायी प्रक्रियाओं, उभरती चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटल बदलाव पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

विधानसभा स्पीकर ने कहा कि यह कार्यक्रम अनुभव, परंपरा, इनोवेशन, महिलाओं की भागीदारी, युवाओं की भागीदारी और जनता के भरोसे को एक साथ लाकर भारत के संसदीय लोकतंत्र की ताकत को प्रदर्शित करेगा। अमृत महोत्सव का जश्न अगले वर्ष तक 4 बड़े कार्यक्रमों के जरिए जारी रहेगा, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं, विधायी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए समर्पित होंगे।

समारोह में ये होंगे सम्मानित

समारोह में विधानसभा के पूर्व स्पीकर शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चंद मेघवाल और सी.पी. जोशी के साथ-साथ पूर्व डिप्टी स्पीकर तारा भंडारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया जाएगा।

छह या उससे ज्यादा बार चुने गए पूर्व विधायकों और वरिष्ठ मौजूदा विधायकों को भी राजस्थान की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। देवनानी ने यह बताया कि 'अमृत महोत्सव' के उद्घाटन कार्यक्रम की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे राज्य भर के नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी, विधानसभा की लोकतांत्रिक परंपराओं और विधायी विरासत को देख सकें।

पूर्व सदस्य अनुभव करेंगे साझा

इन कार्यक्रमों में जाने-माने संवैधानिक विशेषज्ञ, सांसद और विद्वान शामिल होंगे, साथ ही युवा पीढ़ी को राजस्थान विधानसभा की लोकतांत्रिक विरासत से रुबरू होने का भी अवसर मिलेगा। उद्घाटन सम्मेलन की एक खास बात राजस्थान विधानसभाओं द्वारा पारित 23 अहम कानूनों पर विशेष चर्चा होगी। विधानसभा के पूर्व स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और पूर्व मंत्री इन कानूनों के सामाजिक और प्रशासनिक असर के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगे।