
Amyra Suicide Case Update (Patrika Photo)
Amyra Suicide Case Update News: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की छात्रा अमायरा सुसाइड मामले में पुलिस द्वारा कोर्ट में चार्जशीट पेश किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों और संयुक्त अभिभावक संघ ने पुलिस की जांच और लगाई गई धाराओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, हाल ही में सामने आए अमायरा के एक कथित वीडियो फुटेज ने इस मामले में स्कूल प्रशासन की लापरवाही को और उजागर कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम और यूनाइटेड पेरेंट्स एसोसिएशन (संयुक्त अभिभावक संघ) के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
स्कूल के प्रिंसिपल और मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई न होने और सिर्फ क्लास टीचर को ही आरोपी बनाए जाने के संबंध में जब गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना और अपनी मांग रखना सबका अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों को जो भी कानून सम्मत कार्रवाई करनी होगी, वह निश्चित रूप से करेंगी। विषय संज्ञान में आने के बाद वह अधिकारियों से पूरी जानकारी लेंगे और नियमानुसार जो भी समुचित कार्रवाई हो सकती है, उसे कराया जाएगा।
आगामी 13 तारीख को होने वाली कोर्ट की सुनवाई और पुलिस द्वारा स्कूल के प्रिंसिपल व प्रबंधक के खिलाफ चार्जशीट दायर न किए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि न्यायालय पूरी तरह स्वतंत्र है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत जो भी कार्रवाई करनी होती है, वह उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत करती है, जिसमें सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, जहां तक पुलिस के अधिकार क्षेत्र की बात है, तो जो भी कानून सम्मत कदम उठाना होगा, वह उठाया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनकी जानकारी वह जांच अधिकारी से लेंगे।
दूसरी ओर, यूनाइटेड पेरेंट्स एसोसिएशन राजस्थान के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने पुलिस की चार्जशीट पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि अभिभावक संघ पहले दिन से ही इस मांग पर अड़ा है कि नीरजा मोदी स्कूल में घटी इस दुखद घटना के लिए स्कूल संचालक सौरभ मोदी और प्रिंसिपल इंदु दुबे के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। लेकिन पुलिस ने जो चार्जशीट पेश की है, उसमें केवल क्लास टीचर को दोषी ठहरा कर इतिश्री कर ली गई है, जबकि जवाबदेह और जिम्मेदार उच्च अधिकारियों को छोड़ दिया गया है।
प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि आगामी 13 तारीख को होने वाली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेगा। इस मामले को लेकर कोर्ट ने सीबीएसई बोर्ड को बकायदा नोटिस जारी कर अधिकारियों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं और स्कूल को जारी शोकॉज नोटिस की कॉपी भी अदालत में पेश करने को कहा है।
अभिषेक जैन बिट्टू ने अमायरा के सामने आए हालिया वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए बताया कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि क्लास के अंदर चार बच्चों द्वारा की जा रही बुलिंग (प्रताड़ना) से परेशान होकर अमायरा खुद क्लास टीचर के पास शिकायत लेकर गई थी। उसने शिक्षिका के सामने हाथ भी जोड़े और मिन्नतें कीं, इसके बावजूद क्लास टीचर ने उसकी बात को अनसुना कर दिया। इसी घोर लापरवाही के कारण आज एक हंसते-खेलते परिवार को इतनी बड़ी दुर्घटना झेलनी पड़ी है।
अभिषेक जैन ने कहा कि यह सिर्फ अमायरा का मामला नहीं है, बल्कि देश और राज्य की हजारों बेटियों की सुरक्षा का विषय है। संयुक्त अभिभावक संघ इस मुद्दे पर पहले ही तीन बड़े प्रदर्शन कर चुका है और यदि 13 तारीख को माननीय न्यायालय से सकारात्मक रुख या न्याय नहीं मिलता है, तो बच्चों की सुरक्षा के अधिकार के लिए अभिभावक संघ एक बार फिर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।
Updated on:
10 Jul 2026 07:38 pm
Published on:
10 Jul 2026 07:38 pm
