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राजस्थान में OBC सर्वे और निकाय चुनाव पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने रखीं बड़ी मांगें

Rajasthan Local Body Polls: राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव का मुद्दा फिर से गरमाने लगा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार से प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव की तुरंत घोषणा करने की मांग की है।
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Rajasthan Local Body Elections

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Rajasthan Local Body Polls: राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव का मुद्दा फिर से गरमाने लगा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार से प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव की तुरंत घोषणा करने की मांग की है। राज्य सरकार से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय का एक भरोसेमंद सर्वे कराने और आरक्षण का सही डेटा मिलते ही चुनाव की तारीख जल्द से जल्द घोषित करने की मांग रखी है।

ओ​बीसी समुदाय के हितों से नहीं होगा समझौता

पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में OBC समुदाय के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जयपुर में पीसीसी मुख्यालय में डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार को शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव की घोषणा करने से पहले वेरिफाइड और सही डेटा के आधार पर OBC आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार ने तय समय में OBC सर्वे पूरा न करके चुनाव प्रक्रिया में जानबूझ कर देरी की है।

ओबीसी आयोग गठन में देरी

डोटासरा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के लगभग 10 महीने बाद OBC आयोग का गठन किया गया, जबकि ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और कई शहरी स्थानीय निकायों का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका था। उन्होंने दावा किया कि आयोग को OBC आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सौंपनी थी, लेकिन इस प्रक्रिया को पूरा किए बिना ही एक साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है।

परिसीमन प्रक्रिया की कछुआ चाल

डोटासरा ने कहा कि राज्य में परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया, जिसे 4 महीने के भीतर पूरा हो जाना चाहिए था, उसमें लगभग 13 महीने लग गए, जिससे चुनाव में और देरी हुई। 73वें और 74वें संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 243E और 243U के तहत पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव उनके पांच साल के कार्यकाल के पूरा होने के तुरंत बाद कराए जाने जरूरी हैं।

सर्वे ऐप पर भी उठाए सवाल

OBC सर्वे के लिए हाल ही में लॉन्च किए गए राजधरा (Rajdhara) ऐप पर सवाल उठाते हुए डोटासरा ने दावा किया कि ऐप का गवर्नमेंट लॉगिन ऑप्शन बंद कर दिया गया है और सिर्फ सिटिजन (नागरिक) ऑप्शन ही चालू है। यदि प्रदेश के लोगों को अधिकृत सरकारी कर्मचारियों द्वारा वेरिफिकेशन के बिना अपना डेटा खुद रजिस्टर करने की इजाजत दी जाती है, तो सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल उठना तय है।