जयपुर। भारतीय सेना की आर्मी-डे परेड की मेजबानी को लेकर जयपुर अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अगले सप्ताह से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के साथ ही शहर 8 दिन तक शौर्य, साहस, अनुशासन और सैन्य शक्ति के उत्सव का केंद्र बनेगा।
जयपुर। भारतीय सेना की आर्मी-डे परेड की मेजबानी को लेकर जयपुर अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अगले सप्ताह से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के साथ ही शहर 8 दिन तक शौर्य, साहस, अनुशासन और सैन्य शक्ति के उत्सव का केंद्र बनेगा।
जगतपुरा के परेड स्थल से लेकर हथियार प्रदर्शनी वाले स्थलों तक सुरक्षा,चिकित्सा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। 11 और 13 जनवरी को परेड की रिहर्सल और 15 जनवरी को मुख्य आर्मी-डे परेड होगी। कड़ी सुरक्षा के साथ मेडिकल इंतजामों को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है।
हेलीपैड से लेकर परेड ग्राउंड, प्रदर्शनी स्थल, एसएमएस स्टेडियम तक डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से लैस 30 एंबुलेंस अलर्ट मोड पर रहेंगी। इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी शामिल हैं। इन्हें हेलीपैड, वीआइपी सीटिंग एरिया और परेड ग्राउंड के अतिरिक्त अन्य कार्यक्रम स्थलों पर तैनात किया जाएगा। मिलिट्री अस्पताल की मेडिकल टीमें और एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद रहेंगी।
महल रोड के आस-पास स्थित पांच प्रमुख अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम व भवानी निकेतन कॉलेज के समीप पांच-पांच अस्पतालों में जनरल और आइसीयू बेड रिजर्व किए गए हैं। वहीं ऑपरेशन थिएटर में टेबल भी सुरक्षित रखी गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल इलाज संभव हो सके। ट्रोमा सेंटर को नोडल अस्पताल बनाया गया है। समस्त चिकित्सा व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। दूसरी ओर, महल रोड पर भी सेना परेड की प्रैक्टिस शुरू हो गई है। एसएमएस स्टेडियम व भवानी निकेतन में भी तैयारी चल रही हैं।
आर्मी-डे परेड के दौरान फ्लाइपास्ट प्रस्तावित है। इसके कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए फ्लाइट ऑपरेशन थम सकता है। कुछ उड़ानों को री-शेड्यूल किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। महल रोड एयरपोर्ट से सटी होने के कारण इस दौरान पतंगबाजी पर भी अस्थायी रोक रहेगी। फाइटर प्लेन संभवतः जोधपुर से आएंगे, जबकि सेना के हेलिकॉप्टर जयपुर एयरपोर्ट से उड़ान भर सकते हैं।
परेड से एक दिन पहले जयपुर मिलिट्री एरिया में पूर्व सैनिक दिवस समारोह और सेना अलंकरण कार्यक्रम होगा। इसमें प्रदेशभर से करीब तीन हजार पूर्व सैनिक शामिल होंगे। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मानित किया जाएगा और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
-10 जनवरी : इस दिन भी शौर्य संध्या होगी। जिसमें केवल सेना के अफसर, जवान, पूर्व सैनिक व उनके परिजन शामिल होंगे