
Water Resources Department: जयपुर. राज्य में जल संकट से निपटने और सिंचाई ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजस्थान सरकार ने जीर्ण-शीर्ण बांधों और तालाबों के पुनरुद्धार के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रथम चरण में करीब 200 बांधों और तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
योजना का उद्देश्य पुराने जलाशयों की मरम्मत, नहरों की सफाई, रिसाव रोकना और पानी की भंडारण क्षमता बढ़ाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
टोडाभीम क्षेत्र के बिशन समंद बांध और नहर परियोजना का भी जिक्र किया। इस परियोजना के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति पहले ही जारी की जा चुकी है। प्रारंभिक निविदा में भागीदारी नहीं मिलने के बाद दोबारा प्रक्रिया पूरी कर अब धरातल पर काम शुरू कर दिया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| योजना का बजट | 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति |
| कार्य का दायरा | प्रथम चरण में 200 बांध व तालाबों का जीर्णोद्धार |
| मुख्य उद्देश्य | जल संरक्षण और सिंचाई क्षमता बढ़ाना |
| लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्र और किसान |
| परियोजना नाम | बिशन समंद बांध-नहर परियोजना |
| प्रशासनिक स्थिति | प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी |
| निविदा प्रक्रिया | दोबारा टेंडर के बाद कार्य शुरू |
| लक्ष्य अवधि | वर्ष 2027 तक पूर्ण |
| संभावित लाभ | नहर सुधार से सिंचाई सुविधा बेहतर, किसानों को फायदा |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा और भूजल स्तर में सुधार आएगा। इससे किसानों की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और सूखे की समस्या से भी राहत मिल सकेगी। सरकार का यह कदम ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
Published on:
19 Feb 2026 03:25 pm
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